झूठ या सच: पीरियड्स में ठंडा पानी पीना कितना सुर​क्षित?, जानिए एक्सपर्ट्स की राय

1 घंटा पहले
पीरियड्स में ठंडा पानी पीना कितना सुर​क्षित?, जानिए एक्सपर्ट्स की राय

गर्मी के राहत पाने के लिए हर कोई ठंडा पानी पीना पसंद करता है। पीरियड्स के दौरान भी हम ठंडे पानी का सेवन करते है। हालांकि, पीरियड्स में डॉक्टर ठंडे पानी का सेवन करने से मना करते हैं। लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पीरियड में ठंडा पानी पीना गलत नहीं हैं। क्योकि ऐसा कोई मेडिकल प्रमाण नहीं है जो इसे ब्लीडिंग या सिस्ट से जोड़ता हो। हालांकि, एक्सपर्ट्स के अनुसार अत्यधिक ठंडा पानी पीने से कुछ महिलाओं में मांसपेशियों के संकुचन के कारण पेट की ऐंठन और दर्द बढ़ सकता है।

मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ठंडा पानी पीने से पीरियड्स रुकने या खून जमने का कोई खतरा नहीं होता है। ठंडे पेय पदार्थ शरीर के अंदर जाते ही अपने सामान्य तापमान पर आ जाता है। रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया है कि बहुत ठंडा पानी पीने से पेट की रक्त वाहिकाएं सिकुड़ सकती हैं, जिससे गर्भाशय की ऐंठन बढ़ सकती है।

आयुर्वेद के अनुसार पीरियड्स में ठंडी चीजें खाने-पीने से शरीर में 'वात दोष' बढ़ता है, जो दर्द और पाचन संबंधी समस्याओं को न्योता देता है। मासिक धर्म के दौरान शरीर को हाइड्रेटेड रखना जरूरी है। एक्सपर्ट्स इन 5 दिनों में ठंडे पानी की जगह पेय पदार्थों की सलाह देते हैं।

पीरियड्स में हाइड्रेट रहना जरूरी

साथ ही गुनगुना पानी पीने की यह गर्भाशय की मांसपेशियों को आराम देता है और रक्त संचार सुधारकर दर्द कम करता है। अदरक, पुदीना या कैमोमाइल चाय पीने से ब्लोटिंग और मरोड़ में राहत मिलती है। यह प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स प्रदान करता है जिससे कमजोरी दूर होती है। यदि आपको ठंडा पानी पीने के बाद पेट में अधिक दर्द या भारीपन महसूस होता है, तो इससे परहेज करना ही बेहतर है।

सेहत का रखें ख्याल

पीरियड्स के दौरान महिलाओं को अपनी सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। इस समय शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिसकी वजह से पेट दर्द, कमर दर्द, थकान, मूड स्विंग्स और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। पानी शरीर में ऊर्जा बनाए रखने, पाचन बेहतर करने और ब्लोटिंग जैसी समस्या को कम करने में मदद करता है।

पीरियड्स में ठंडे पानी से दर्द बढ़ने का डर

पीरियड्स के दौरान ठंडा पानी पीने को लेकर कई तरह की धारणाएं हैं। कुछ लोगों का मानना है कि ठंडा पानी पीने से गर्भाशय सिकुड़ सकता है और पीरियड्स का दर्द बढ़ सकता है। हालांकि, अभी तक ऐसे दावों को साबित करने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। शरीर का तापमान नियंत्रित करने की क्षमता होती है और सामान्य मात्रा में ठंडा पानी पीना आमतौर पर नुकसानदायक नहीं माना जाता।

शरीर की जरूरतों का समझें

पीरियड्स के दर्द का मुख्य कारण गर्भाशय में होने वाले संकुचन होते हैं। ठंडा पानी सीधे तौर पर पीरियड्स के दर्द को बढ़ाता है, ऐसा कोई पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। हालांकि, कुछ महिलाओं को ठंडी चीजों से असहजता महसूस हो सकती है, इसलिए अपनी बॉडी की प्रतिक्रिया को समझना जरूरी है।

गुनगुने पानी से ब्लड फ्लो बेहतर

कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान गुनगुना पानी पीने से आराम महसूस होता है। गर्म पानी पेट की मांसपेशियों को रिलैक्स करने और ऐंठन कम करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा गर्म पानी पीने से शरीर में ब्लड फ्लो बेहतर महसूस हो सकता है।

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