गोरखपुर में प्रशासन के दखल से हड़ताल खत्म: IOCL प्लांट से गैस आपूर्ति फिर शुरू, काम पर लौटे 200 ट्रक चालक

गीडा स्थित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड के बॉटलिंग प्लांट से घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सोमवार शाम फिर शुरू हो गई। ट्रक चालकों की हड़ताल के कारण सुबह से पूरी आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित थी। लेकिन एसडीएम सहजनवा नमन मेहता और तहसीलदार के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी। प्रशासन की ओर से समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने पर चालक काम पर लौट आए और शाम होते-होते तीन ट्रकों में सिलेंडर लोडिंग का कार्य भी शुरू कर दिया गया।
सोमवार सुबह गीडा स्थित बॉटलिंग प्लांट से जुड़े करीब 200 ट्रक चालक हड़ताल पर चले गए थे। चालकों का आरोप था कि प्लांट में सिलेंडरों पर मिट्टी लगी होने या सुरक्षा कैप नहीं होने पर उन्हें प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना था कि बरसात के मौसम में बड़ी संख्या में सिलेंडरों की सफाई कराना व्यवहारिक नहीं है। इसके अलावा गेट पास जारी करने में भी अनावश्यक दिक्कतें पैदा की जा रही हैं। चालकों ने यह भी आरोप लगाया कि पहले उनका वेतन बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया गया था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 12 से 12,500 रुपये कर दिया गया। किसी सिलेंडर का वजन कम निकलने पर उसकी भरपाई भी चालक से की जाती है। कई चालकों ने इन समस्याओं के समाधान तक कार्य बंद रखने की चेतावनी दी थी।
गैस आपूर्ति पर मंडराने लगा था संकट
गीडा स्थित इस प्लांट से गोरखपुर और बस्ती मंडल सहित सात जिलों में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति होती है। यहां से प्रतिदिन लगभग 40 हजार सिलेंडर विभिन्न एजेंसियों तक भेजे जाते हैं। रविवार को प्लांट बंद रहने और सोमवार को हड़ताल होने से करीब 80 हजार सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई थी। इससे 200 से अधिक गैस एजेंसियों के सामने वितरण संकट खड़ा होने लगा था।
प्रशासन की मध्यस्थता से बनी सहमति
हड़ताल के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर चालकों से बातचीत की। बाद में एसडीएम सहजनवा और तहसीलदार की मौजूदगी में वार्ता हुई, जिसमें चालकों की मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया। इसके बाद चालक हड़ताल समाप्त कर काम पर लौट आए। चालकों ने एक गैस एजेंसी संचालक पर अभद्र व्यवहार का आरोप भी लगाया था। बताया गया कि संबंधित एजेंसी संचालक लिखित रूप से माफी देने को तैयार हो गए हैं। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद विवाद शांत होने से गैस आपूर्ति सामान्य होने का रास्ता साफ हो गया।
आंतरिक स्तर का था मामला
घरेलू गैस सिलेंडरों की ढुलाई आवश्यक सेवाओं के दायरे में आती है। ऐसे में हड़ताल लंबी खिंचने पर आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने बताया कि मामला आंतरिक स्तर का था, जिसे बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया है। हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रशासन और गैस एजेंसियों ने राहत की सांस ली है।
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