जम्मू-कश्मीर में बारिश बनी आफत: दो दिनों में 24 लोगों की मौत, प्रमुख धार्मिक यात्राएं रोकी गईं

5 घंटे पहले
दो दिनों में 24 लोगों की मौत, प्रमुख धार्मिक यात्राएं रोकी गईं

जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। भूस्खलन, बाढ़ और मकान ढहने की घटनाओं में पिछले दो दिनों के दौरान 24 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, छह लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। सबसे अधिक प्रभावित पुंछ और राजौरी जिले हैं, जहां अधिकांश जनहानि हुई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका जताते हुए अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम को देखते हुए अमरनाथ, माता वैष्णो देवी, शिवखोड़ी और सरथल यात्राएं एहतियातन स्थगित कर दी गई हैं।

पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र के लोरन गांव में भारी बारिश के दौरान पहाड़ी से मलबा एक कच्चे मकान पर आ गिरा। हादसे में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में चार महिलाएं भी शामिल हैं। इससे पहले पुंछ जिले में बाढ़, मकान ढहने और अन्य घटनाओं में 11 लोगों की जान गई थी। अधिकारियों के अनुसार, पुंछ और राजौरी जिलों में दो दिनों के भीतर 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि छह लोग अब भी लापता हैं।

डोडा में बस पर गिरी चट्टान, तीन और मौतें

डोडा जिले में भद्रवाह से जम्मू जा रही एक यात्री बस पर रग्गी नाले के पास पहाड़ी से विशाल चट्टान गिर गई। इस हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई। वहीं, चार अन्य घायल हो गए। वहीं, काशतीगढ़ क्षेत्र में मकान ढहने से एक महिला की जान चली गई। मौसम संबंधी अलग-अलग घटनाओं में पांच महिलाओं सहित कुल 12 लोगों की मौत दर्ज की गई।

हजारों श्रद्धालु फंसे

लगातार खराब मौसम के कारण श्रीअमरनाथ, माता वैष्णो देवी, रियासी स्थित शिवखोड़ी और किश्तवाड़ के सरथल धाम की यात्राएं दूसरे दिन भी स्थगित रहीं। हालांकि, अमरनाथ यात्रा के लिए बालटाल मार्ग से सीमित संख्या में कुछ श्रद्धालुओं को रवाना किए जाने की जानकारी मिली है। कटड़ा में 15 हजार से अधिक श्रद्धालु यात्रा बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं। जम्मू के आधार शिविर, लखनपुर और कश्मीर के विभिन्न पड़ावों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुके हुए हैं।

कई इलाकों का संपर्क टूटा

जम्मू, राजौरी, पुंछ और अन्य जिलों में हुई तेज बारिश के बाद तवी और चिनाब सहित कई नदियां और नाले उफान पर आ गए। कश्मीर के कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई, जबकि लगातार बारिश के कारण अनेक गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। कटड़ा में बैटरी कार मार्ग, भैरव घाटी मार्ग और पारंपरिक यात्रा मार्ग के कुछ हिस्सों में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं भी हुईं। राहत की बात यह रही कि यात्रा पहले से बंद होने के कारण इन घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई। प्रभावित मार्गों को बहाल करने के लिए आपदा प्रबंधन दल और श्राइन बोर्ड प्रशासन लगातार काम कर रहे हैं।

सरकार ने राहत राशि का किया ऐलान

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राजौरी और पुंछ जिलों में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को छह-छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया है। मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक भारी वर्षा और भूस्खलन की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

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