देवरिया मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों ने की हड़ताल: 4 महीने से वेतन न मिलने पर कार्य बहिष्कार, कलेक्ट्रेट तक किया प्रदर्शन

उत्तरप्रदेश|7 घंटे पहले
4 महीने से वेतन न मिलने पर कार्य बहिष्कार, कलेक्ट्रेट तक किया प्रदर्शन

महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को चार महीने से मानदेय न मिलने के विरोध में 300 से अधिक आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। नर्सिंग स्टाफ, मल्टीपरपज वर्कर और तकनीकी कर्मचारियों के एक साथ काम बंद करने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। ओपीडी की व्यवस्था धीमी पड़ गई और कई मरीजों और तीमारदारों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट पर प्रदर्शन करने के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर बकाया भुगतान की मांग उठाई।

मंगलवार सुबह कर्मचारी मेडिकल कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार पर एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए कार्य बहिष्कार का ऐलान किया। सूचना मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एच के मिश्रा मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शनकारी भुगतान की निश्चित समय-सीमा तय किए जाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर लिखित प्रार्थना पत्र लिया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन और आउटसोर्सिंग एजेंसियों से वार्ता कर जल्द भुगतान प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन दिया।

आर्थिक संकट का हवाला देकर जताई नाराजगी

मेडिकल कॉलेज में दो आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से 300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। कर्मचारियों का कहना है कि तीन महीने का मानदेय बकाया है और चौथा महीना भी शुरू हो चुका है। उनका आरोप है कि वेतन नहीं मिलने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। बच्चों की पढ़ाई, घर का राशन, इलाज और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों ने बताया कि ड्यूटी पर आने-जाने के लिए भी उन्हें उधार का सहारा लेना पड़ रहा है।

अस्पताल की व्यवस्था पर पड़ा सीधा असर

कार्य बहिष्कार का असर अस्पताल की दैनिक व्यवस्था पर स्पष्ट दिखाई दिया। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर सुबह से मरीजों की भीड़ लगी रही। पर्ची बनने में देरी के कारण ओपीडी सेवाएं भी प्रभावित रहीं। प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था करने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारियों की बड़ी संख्या के चलते सेवाएं पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकीं। वहीं, मेडिकल कॉलेज के करीब 120 सुरक्षा गार्ड भी तीन महीने से वेतन मिलने का इंतजार कर रहे हैं। प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने बताया कि बकाया भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जल्द भुगतान नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

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