बॉडी रखकर सड़क जाम करने पर बड़ा एक्शन: सपा नेताओं समेत 118 पर FIR, गिरफ्तारी की मांग को लेकर था प्रदर्शन

श्रीरामपुर थानाक्षेत्र में युवक की संदिग्ध मौत के बाद सड़क जाम कर प्रदर्शन करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने समाजवादी पार्टी के नेताओं समेत 18 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि सड़क जाम कर कानून-व्यवस्था बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पूरा मामला परसौनी रघुनाथ गांव निवासी जयप्रकाश यादव की मौत से जुड़ा है। परिजनों के मुताबिक, 23 मई को जयप्रकाश यादव खेत में गन्ने की गुड़ाई करने के लिए साइकिल और कुदाल लेकर घर से निकला था। देर शाम उसकी बॉडी भटवलिया गांव के पास चौरा क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया था।
बॉडी गांव पहुंचते ही भड़का गुस्सा
पोस्टमॉर्टम के बाद 24 मई की शाम जब युवक की बॉडी गांव पहुंची तो बड़ी संख्या में ग्रामीण, समर्थक और स्थानीय नेता मौके पर जुट गए। आक्रोशित लोगों ने भवानी छापर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग पर वन चौराहा के पास बॉडी रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले का जल्द खुलासा और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। सड़क जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक हंगामा जारी रहा। बाद में प्रशासन के आश्वासन के बाद लोगों ने सड़क खाली की। इस दौरान इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा और पुलिस लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखी।
18 नामजद, 100 अज्ञात पर केस
सड़क जाम और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में पुलिस ने उपनिरीक्षक जयराम सिंह यादव की एप्लीकेशन पर केस दर्ज किया है। केस में सपा नेता सत्यदेव यादव, वीरेन्द्र कुशवाहा, उदयभान यादव, रिंकू चौरसिया समेत कुल 18 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 100 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर बाकी लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सार्वजनिक मार्ग बाधित करना और तनावपूर्ण स्थिति पैदा करना कानूनन अपराध है। मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ आगे भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि जब तक युवक की मौत का खुलासा नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
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