कोल इंडिया का पांच प्रतिशत गिरा शेयर: OFS से 5000 करोड़ रुपये जुटाएगी सरकार, दो चरणों में होगी बीडिंग

सरकारी कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। केंद्र सरकार द्वारा कंपनी में दो प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की घोषणा के बाद निवेशकों में हलचल बढ़ गई है। कारोबार के दौरान कोल इंडिया का शेयर करीब पांच प्रतिशत टूटकर 428 रुपये तक पहुंच गया है। हालांकि बाद में इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली और शेयर वापस 446 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया है। सरकार इस हिस्सेदारी बिक्री के जरिए लगभग पांच हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है।
सरकार ने यह हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से बेचने का फैसला किया है। इसके तहत एक प्रतिशत हिस्सेदारी का बेस ऑफर रखा गया है। वहीं, निवेशकों की ओर से अधिक मांग आने की स्थिति में अतिरिक्त एक प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेची जाएगी। सरकार ने इसके लिए 412 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस से करीब 11.2 प्रतिशत कम है। इसी डिस्काउंटेड प्राइस के कारण बाजार में दबाव देखने को मिला और शेयर में तेज बिकवाली शुरू हो गई है।
27 और 29 मई को खुलेगी OFS विंडो
कोल इंडिया के OFS के लिए बोली प्रक्रिया दो चरणों में आयोजित की जा रही है। 27 मई को केवल नॉन-रिटेल निवेशकों को बोली लगाने की अनुमति दी गई है। इसके बाद 29 मई को रिटेल निवेशकों के साथ नॉन-रिटेल निवेशक भी इसमें हिस्सा ले सकेंगे। सरकार ने शुरुआती चरण में 6.16 करोड़ शेयर बिक्री के लिए पेश किए हैं। ओवरसब्सक्रिप्शन की स्थिति में इतनी ही अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बाजार में उतारी जाएगी।
चौथी तिमाही में मजबूत रहा कंपनी का प्रदर्शन
शेयर में गिरावट के बावजूद कंपनी के वित्तीय नतीजे मजबूत रहे हैं। मार्च तिमाही में कोल इंडिया का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़कर 10,908 करोड़ रुपये पहुंच गया है। वहीं ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू भी लगभग छह प्रतिशत बढ़कर 46,490 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। कंपनी का EBITDA 12 प्रतिशत बढ़कर 17,917 करोड़ रुपये रहा है। वहीं EBITDA मार्जिन 36 प्रतिशत से बढ़कर 39 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 5.25 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने की भी घोषणा की है। यह डिविडेंड आगामी वार्षिक आम बैठक में शेयरधारकों की मंजूरी के बाद वितरित किया जाएगा।
ब्रोकरेज फर्म्स ने बनाए रखा भरोसा
बाजार में गिरावट के बावजूद कई ब्रोकरेज फर्म्स ने कोल इंडिया पर भरोसा जताया है। ब्रोकरेज फर्म इलारा कैपिटल ने शेयर पर अपनी ‘अक्युमुलेट’ रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस 458 रुपये से बढ़ाकर 522 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि मजबूत डिविडेंड, स्थिर मुनाफा और सरकारी समर्थन के चलते लंबी अवधि में यह शेयर निवेशकों के लिए आकर्षक बना रह सकता है।
क्या होता है OFS?
ऑफर फॉर सेल (OFS) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके जरिए लिस्टेड कंपनियों के प्रमोटर या सरकार अपनी हिस्सेदारी पारदर्शी तरीके से शेयर बाजार में बेचते हैं। यह प्रक्रिया सामान्य IPO की तुलना में अधिक तेज और सरल मानी जाती है। इसमें बड़े संस्थागत निवेशकों के साथ रिटेल निवेशक भी हिस्सा ले सकते हैं।
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