वाराण​सी में साइबर ठगी के गिरोह का पर्दाफाश: संदिग्ध खातों की जांच करते समय हुआ खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार

उत्तरप्रदेश|1 घंटा पहले
संदिग्ध खातों की जांच करते समय हुआ खुलासा, 6 आरोपी गिरफ्तार

वाराणसी की चौबेपुर पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में 'म्यूल बैंक खातों' के जरिए देशव्यापी वित्तीय ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया हैं। पुलिस ने मुख्य सरगना सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को मात्र ₹1000 का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। एसीपी सारनाथ के नेतृत्व में चौबेपुर थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा और उपनिरीक्षक चंद्रमोहन यादव की टीम संदिग्ध खातों की जांच कर रही थी, तभी इस बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।

गिरोह आरोपी युवाओं से ATM कार्ड, पासबुक, चेकबुक और इंटरनेट बैंकिंग का एक्सेस अपने पास रख लेते थे। इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन गेमिंग व अन्य साइबर ठगी के अवैध पैसे को ट्रांसफर करने के लिए लेन-देन करता था।

ऑनलाइन ठगों के संपर्क में था मुख्य आरोपी

जांच के दौरान पुलिस जब पहाड़िया नरायनपुर निवासी दिवाकर के घर पहुंची, तो उसने बताया कि उमरहां निवासी कृष्णा पटेल उर्फ गांगुली पटेल ने उसे मात्र 1000 रुपये का लालच देकर बैंक खाता खुलवाया था। खाता खुलते ही कृष्णा ने उसका एटीएम, पासबुक, नेट बैंकिंग आईडी-पासवर्ड और नई सिम अपने कब्जे में ले ली थी। मुख्य आरोपी कृष्णा पटेल टेलीग्राम के जरिए ऑनलाइन ठगों के संपर्क में आया था। कमीशन के चक्कर में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर गांव के कई अन्य लड़कों को भी इस जाल में फंसाया।

एक दूसरे में आरोप मढ़ने लगा गिरोह

पुलिस ने शक के आधार पर दिवाकर, कृष्णा और उनके साथियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पकड़े जाने के डर से आरोपियों ने थाने के भीतर ही एक-दूसरे पर आरोप मढ़ना शुरू कर दिया। कड़ाई से पूछताछ में सभी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दिवाकर, कृष्णा पटेल उर्फ गांगुली पटेल, सत्यम विश्वकर्मा, राकेश पटेल, किशन पांडेय और गोपी शामिल हैं।

25 से अ​धिक ​शिकायतें दर्ज

गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल पर इन आरोपियों द्वारा खुलवाए गए खातों पर देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 25 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। अब तक की जांच में इन खातों के जरिए ₹17,85,289 के फ्रॉड की पुष्टि हो चुकी है। थाना प्रभारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन के इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

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