सिद्धार्थनगर में नवजात मौत कांड पर सवाल: जांच टीम CCTV DVR छोड़ लौटी, जनता सेवा हॉस्पिटल पर लापरवाही का आरोप

सिद्धार्थनगर|29 मई 2026
जांच टीम CCTV DVR छोड़ लौटी, जनता सेवा हॉस्पिटल पर लापरवाही का आरोप

इटवा क्षेत्र स्थित जनता सेवा हॉस्पिटल में नवजात की मौत के मामले ने अब गंभीर विवाद का रूप ले लिया है। स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। शुक्रवार को जांच के लिए पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल का निरीक्षण कर लौट गई। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर कब्जे में नहीं लिया गया। इसको लेकर स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य किसी भी मामले की सच्चाई सामने लाने में बेहद अहम होते हैं। उन्हें सुरक्षित न करना जांच प्रक्रिया को कमजोर कर सकता है।

मामला इटवा थाना क्षेत्र के सहदेड्या गांव का है। गांव निवासी चंद्रमणी ने आरोप लगाया कि 23 मई की रात उनकी पत्नी वंदना को प्रसव पीड़ा होने पर जनता सेवा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षित डिलीवरी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता का भरोसा दिया था। आरोप है कि अस्पताल में बिना स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ के ऑपरेशन किया गया। प्रसव के बाद नवजात की हालत बिगड़ गई। समय रहते उचित इलाज नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। वहीं प्रसूता की हालत भी गंभीर बनी हुई है।

स्वास्थ्य विभाग ने गठित की तीन सदस्यीय जांच समिति

घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इटवा पुलिस ने अस्पताल संचालक और स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रजत कुमार चौरसिया ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की। शुक्रवार को अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी आरसीएच डॉ. आर.जी. सिंह, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष कुमार अग्रहरी और सीएचसी इटवा अधीक्षक डॉ. संदीप कुमार द्विवेदी की टीम अस्पताल पहुंची। टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड, ऑपरेशन थिएटर और मेडिकल व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई।

अस्पताल प्रशासन फुटेज में कर सकता है बदलाव

हालांकि, जांच टीम द्वारा सीसीटीवी डीवीआर जब्त न किए जाने से लोगों में नाराजगी दिखाई दी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सबसे पहले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित किया जाना चाहिए। जिससे किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना न रहे। लोगों को आशंका है कि अब अस्पताल प्रशासन फुटेज में बदलाव कर सकता है।

पुलिस ने मांगी CCTV फुटेज

इटवा प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा ने बताया कि अस्पताल संचालक और संबंधित स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने अस्पताल प्रशासन से लिखित रूप में सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर उपलब्ध कराने को कहा है। अब तक फुटेज नहीं सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.जी. सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने तक अस्पताल को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे मामले की तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जांच कर रही है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।