बंगाल में चुनाव के बाद बवाल; संदेशखाली में फायरिंग: कोलकाता में TMC ऑफिस पर चलाया बुलडोजर, 80 लोग अरेस्ट

पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद सियासी माहौल तेजी से बिगड़ गया है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद कई इलाकों में हिंसा और तनाव की खबरें सामने आई हैं। खासकर कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में तोड़फोड़, आगजनी और राजनीतिक टकराव की घटनाएं सामने आई हैं। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सत्ता में आई भाजपा के समर्थक ‘पोरिबोर्तन’ के नाम पर बदले की राजनीति कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन का कहना है कि हालात को काबू में करने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
चुनाव के बाद सबसे बड़ा असर राजधानी कोलकाता में देखने को मिला। न्यू मार्केट इलाके के पास कई दुकानों में तोड़फोड़ की गई। इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस के एक दफ्तर को भी निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दफ्तर के बाहर बुलडोजर चलाया गया और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। व्यापारियों ने भी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि यह कार्रवाई योजनाबद्ध तरीके से की गई और इसमें राजनीतिक बदले की भावना साफ दिखती है।
संदेशखाली में सुरक्षाबलों पर फायरिंग
उधर उत्तर 24 परगना जिले के संवेदनशील इलाके संदेशखाली में हालात और ज्यादा गंभीर हो गए। यहां पुलिस और केंद्रीय बलों की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान अज्ञात लोगों ने उन पर फायरिंग कर दी। घटना के बाद इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। हालांकि अभी तक हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है। इस घटना ने पूरे राज्य में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
तृणमूल कांग्रेस के आरोप और राजनीतिक टकराव
तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं को खुली छूट मिल गई है। टीएमसी नेताओं ने इसे ‘राज्य प्रायोजित हिंसा’ करार दिया है। उनका दावा है कि केंद्रीय बलों ने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया, जिससे हालात बिगड़ते गए। पार्टी ने यह भी कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और आगे हालात और खराब हो सकते हैं। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने और विरोध जारी रखने की अपील की है।
मोदी-शाह पर निशाना
टीएमसी ने सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी और अमित शाह की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि केंद्र की रणनीति के कारण ही राज्य में हिंसा को बढ़ावा मिला है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। भाजपा की तरफ से अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक बयानबाजी से माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है।
प्रशासन की कार्रवाई और आगे की स्थिति
राज्य प्रशासन ने दावा किया है कि हालात को नियंत्रण में लाने के लिए तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं। कई जगहों पर फ्लैग मार्च भी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं आम लोगों में अब भी डर और अनिश्चितता बनी हुई है।
न्यू टाउन में भाजपा कार्यकर्ता की मौत
पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं। राजधानी कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की पिटाई के बाद मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, यह घटना विजय जुलूस के दौरान हुई। जुलूस के दौरान भाजपा और टीएमसी समर्थकों के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने मधु मंडल पर हमला कर दिया। गंभीर चोटों के चलते उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव और गुस्सा दोनों बढ़ गए हैं।
घरों पर हमले और तोड़फोड़
घटना के बाद हिंसा और भड़क गई। भाजपा समर्थकों ने भी जवाबी कार्रवाई की। आरोप है कि उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला किया। कई जगहों पर तोड़फोड़ की गई। हालात तेजी से बेकाबू होते गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है।
बीरभूम में टीएमसी नेता की हत्या
हिंसा की आग केवल कोलकाता तक सीमित नहीं रही। बीरभूम जिले से भी एक बड़ी वारदात सामने आई। यहां टीएमसी नेता अबीर शेख की गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस हमले में एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है। टीएमसी विधायक बिधान माझी ने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे भाजपा समर्थक हैं। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
कई इलाकों में आगजनी, दफ्तरों पर हमला
कोलकाता के टॉलीगंज, कास्बा, पानीहाटी और अन्य इलाकों में भी हिंसा की खबरें आई हैं। यहां टीएमसी के दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। कई जगहों पर दुकानें भी निशाना बनीं। न्यू मार्केट इलाके में भी तनाव की स्थिति बनी रही। टीएमसी का आरोप है कि भाजपा समर्थकों ने केंद्रीय बलों की मौजूदगी में ही दुकानों को नुकसान पहुंचाया। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
केंद्रीय बल तैनात, हालात काबू में लाने की कोशिश
लगातार बढ़ती हिंसा को देखते हुए कई इलाकों में केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने राज्य प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बल मिलकर हालात को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहे हैं।
न्यूटाउन घटना पर कार्रवाई, एक आरोपी गिरफ्तार
प्रेस वार्ता में कमिश्नर ने न्यूटाउन में हुई घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि यह दो गुटों के बीच टकराव का मामला था। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। कई जगहों से हथियार भी बरामद किए गए हैं। पुलिस को शक है कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
80 लोगों की गिरफ्तारी
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अब तक कुल 80 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ये गिरफ्तारी अलग-अलग इलाकों से की गई है। पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। हर इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है।
जुलूस और जश्न पर सख्त नियम लागू
चुनाव के बाद जश्न और जुलूस को लेकर भी पुलिस ने साफ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बिना अनुमति के कोई भी जुलूस निकालने की इजाजत नहीं है। अगर कोई नियम तोड़ता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। खास तौर पर जश्न के दौरान जेसीबी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पुलिस का कहना है कि ऐसे स्टंट से कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। इसलिए इसे पूरी तरह बैन किया गया है।
CRPF और QRT की तैनाती
सुरक्षा के लिहाज से CRPF की 65 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके साथ ही 240 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) भी एक्टिव हैं। ये टीमें किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार हैं। संवेदनशील इलाकों में खास निगरानी रखी जा रही है। पुलिस पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी गई है। टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। CCTV कैमरों के जरिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
शांतिपूर्ण चुनाव का दावा, छोटी घटनाओं पर तुरंत एक्शन
पुलिस कमिश्नर ने कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है। लोगों ने बिना डर के मतदान किया। कोई बड़ी हिंसा की घटना सामने नहीं आई। केवल कुछ छोटी घटनाएं हुई थीं। उन पर भी तुरंत कार्रवाई की गई। प्रशासन का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। लोगों से सहयोग की अपील की गई है। ताकि शहर में शांति और सुरक्षा बनी रहे।
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