बंगाल में नौ मई को नई सरकार का शपथग्रहण: टैगोर जयंती के दिन बनेगी भाजपा सरकार, सीएम फेस पर सस्पेंस बरकरार

वेस्ट बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद अब शपथग्रहण की तारीख तय हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के अनुसार नई सरकार 9 मई को शपथ लेगी। खास बात यह है कि इसी दिन रवींद्र नाथ टैगोर की 165वीं जयंती भी है। बंगाली कैलेंडर के अनुसार यह 25 वैशाख का दिन होता है, जो सांस्कृतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है। इस वजह से शपथग्रहण समारोह को खास बनाने की तैयारी की जा रही है।
नई सरकार के मुख्यमंत्री को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। पार्टी ने चुनाव बिना किसी घोषित चेहरे के लड़ा था। अब फैसले के लिए शीर्ष नेतृत्व की ओर देखा जा रहा है। संभावित नामों में सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार और दिलीप घोष शामिल हैं। पार्टी महिला नेतृत्व पर भी विचार कर सकती है। शपथग्रहण में कौन-कौन शामिल होगा, इसकी भी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सुवेंदु अधिकारी दिल्ली रवाना
सुवेंदु अधिकारी आज नवनिर्वाचित विधायकों के साथ दिल्ली जाएंगे। वहां वे पार्टी के सीनियर नेताओं से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में मुख्यमंत्री के नाम और कैबिनेट को लेकर मंथन होगा। माना जा रहा है कि जल्द ही नेतृत्व पर अंतिम फैसला हो सकता है।
ममता बनर्जी का हमला
ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है। उनका कहना है कि 100 से ज्यादा सीटें “लूटी गईं”। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके एजेंटों को बूथ में घुसने नहीं दिया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। ममता आज शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात विस्तार से रखेंगी। भवानीपुर सीट से हार के बाद उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा दोनों पर निशाना साधा है।
देश की राजनीति में बड़ा असर
इन चुनाव नतीजों का असर सिर्फ बंगाल तक सीमित नहीं है। भारत की राजनीति पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ा है। गंगासागर से कन्याकुमारी तक भाजपा प्लस का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। अब देश की करीब 78% आबादी और 72% भूभाग पर भाजपा या उसके सहयोगियों का शासन हो गया है। इससे विपक्ष की रणनीति पर बड़ा असर पड़ा है। ममता बनर्जी और एम.के. स्टालिन जैसे नेता भाजपा के खिलाफ बड़े चेहरे माने जाते थे, लेकिन इन चुनावों में उन्हें झटका लगा है।
तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी दिलचस्प नतीजे
तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी चुनावी नतीजे चर्चा में हैं। “लॉटरी किंग” के नाम से मशहूर सैंटियागो मार्टिन के परिवार के तीन सदस्यों ने अलग-अलग सीटों से जीत दर्ज की। उनकी पत्नी, बेटा और दामाद तीन अलग-अलग दलों से जीतकर चर्चा में हैं। इससे राजनीति और बिजनेस के रिश्तों पर भी बहस तेज हो गई है।
महुआ मोइत्रा का बयान
महुआ मोइत्रा ने चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। अगर बंगाल ने भाजपा को चुना है, तो उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने कठिन परिस्थितियों में लड़ाई लड़ी और आगे भी संविधान और धर्मनिरपेक्षता के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
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