ईवीएम से छेड़छाड़ पर ईसी सख्त: बंगाल-तमिलनाडु वोटिंग से पहले गोंद-परफ्यूम पर चेतावनी, 23 अप्रैल को वोटिंग

कोलकाता|22 अप्रैल 2026
बंगाल-तमिलनाडु वोटिंग से पहले गोंद-परफ्यूम पर चेतावनी, 23 अप्रैल को वोटिंग

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले बड़ा और सख्त निर्देश जारी किया है। आयोग ने साफ कहा है कि ईवीएम के बटन पर गोंद, इत्र या किसी भी तरह का पदार्थ लगाना गंभीर अपराध माना जाएगा। इसे सीधे तौर पर मशीन से छेड़छाड़ की श्रेणी में रखा जाएगा। हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि कुछ लोग वोट की पहचान करने के लिए बटन पर परफ्यूम या गोंद लगा रहे हैं। इसी को देखते हुए आयोग ने तुरंत एक्शन लिया और सभी अधिकारियों को अलर्ट कर दिया। आयोग का कहना है कि इस तरह की हरकतें चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और गोपनीयता को नुकसान पहुंचाती हैं।

चुनाव आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर तैनात पीठासीन अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि वोटिंग शुरू होने से पहले ईवीएम के सभी बटन पूरी तरह साफ और सही स्थिति में हों। किसी भी बटन पर टेप, गोंद, रंग या अन्य कोई पदार्थ नहीं होना चाहिए। अगर किसी भी तरह की गड़बड़ी नजर आती है, तो तुरंत सेक्टर अधिकारी या रिटर्निंग अधिकारी को सूचना देनी होगी। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि वे मतदान के दौरान लगातार निगरानी रखें ताकि कोई भी संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके।

गोपनीयता से समझौता नहीं

आयोग ने स्पष्ट किया है कि ईवीएम के बैलेट यूनिट पर किसी भी तरह का रसायन, इत्र या स्याही लगाना वोट की गोपनीयता को प्रभावित कर सकता है। यह चुनाव के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। हर मतदाता को बिना किसी दबाव और डर के वोट देने का अधिकार है। ऐसे में इस तरह की गतिविधियां पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करती हैं। आयोग ने कहा है कि मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

चुनाव आयोग ने चेतावनी दी है कि अगर किसी भी मतदान केंद्र पर इस तरह की छेड़छाड़ पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उस बूथ पर दोबारा मतदान यानी री-पोल भी कराया जा सकता है। आयोग किसी भी कीमत पर चुनाव की निष्पक्षता से समझौता नहीं करेगा। अधिकारियों को भी यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे हर स्थिति में नियमों का पालन सुनिश्चित करें।

बंगाल में प्रचार खत्म

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के चुनाव के लिए प्रचार मंगलवार शाम थम गया। अब 23 अप्रैल को मतदान होगा। इस चरण में राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदाताओं की संख्या 3.60 करोड़ से ज्यादा है। इनमें पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर वोटर्स शामिल हैं। आखिरी दिन सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी। बड़े नेताओं ने रैलियां और रोड शो कर माहौल बनाने की कोशिश की।

तमिलनाडु में भी थमा प्रचार

तमिलनाडु में भी 23 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए प्रचार अभियान खत्म हो गया है। आखिरी दिन सभी प्रमुख दलों ने जोरदार कैंपेन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और एम के स्टालिन समेत कई बड़े नेताओं ने रैलियां और रोड शो किए। पूरे राज्य में चुनावी माहौल चरम पर रहा। अब सभी की नजरें मतदान और उसके नतीजों पर टिकी हैं।

निष्पक्ष चुनाव पर आयोग का फोकस

चुनाव आयोग का पूरा फोकस इस बार निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने पर है। ईवीएम से छेड़छाड़ को लेकर सख्ती इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। आयोग ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी को हल्के में नहीं लिया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया को सुरक्षित और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए हर स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

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