भवानीपुर ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में चार घंटे अंदर रहीं ममता: टीएमसी के आरोप- ‘छेड़छाड़ की कोशिश’, चुनाव आयोग ने बताया सुरक्षित

पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार रात एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया। कोलकाता के भवानीपुर इलाके में स्थित ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर टीएमसी और भाजपा के बीच तीखी टकराहट देखने को मिली। टीएमसी ने आरोप लगाया कि बिना सूचना स्ट्रॉन्ग रूम खोला गया और संदिग्ध गतिविधियां हो रही थीं। वहीं चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए साफ कहा कि केवल पोस्टल बैलेट की छंटाई हो रही थी और सभी ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है।
टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया। पार्टी का दावा है कि इसमें चुनाव आयोग के अधिकारी भाजपा नेताओं के साथ मिलकर बैलेट बॉक्स खोलते नजर आ रहे हैं। टीएमसी ने इसे “लोकतंत्र की हत्या” बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि अधिकृत एजेंटों की मौजूदगी के बिना किसी भी तरह की प्रक्रिया गैरकानूनी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए ईवीएम में छेड़छाड़ करना चाहती है। टीएमसी ने यह भी कहा कि यह बंगाल है और यहां इस तरह की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर धरना शुरू कर दिया। माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण होता गया।
ममता बनर्जी का कड़ा रुख
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सखावत मेमोरियल स्कूल स्थित स्ट्रॉन्ग रूम पहुंचीं। वह करीब चार घंटे तक अंदर रहीं। देर रात बाहर आकर उन्होंने मीडिया से बात की। उनका बयान बेहद सख्त था। उन्होंने कहा कि अगर ईवीएम लूटने या मतगणना में गड़बड़ी की कोशिश हुई तो वे जान की बाजी लगा देंगी। उनकी मौजूदगी ने पूरे मामले को और हाई-प्रोफाइल बना दिया। विपक्ष ने इस पर सवाल भी उठाए। लेकिन टीएमसी ने इसे लोकतंत्र की रक्षा के लिए जरूरी कदम बताया।
चुनाव आयोग का जवाब
चुनाव आयोग ने पूरे विवाद पर सफाई दी। आयोग के अनुसार स्ट्रॉन्ग रूम नहीं खोला गया था। केवल पोस्टल बैलेट की छंटाई की प्रक्रिया चल रही थी। यह एक सामान्य और नियमों के तहत होने वाली प्रक्रिया है। आयोग ने कहा कि ईवीएम पूरी तरह सील और सुरक्षित हैं। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी प्रक्रियाएं सीसीटीवी निगरानी में हो रही हैं। किसी भी तरह की छेड़छाड़ की संभावना नहीं है। इसके बावजूद टीएमसी अपने आरोपों पर कायम है।
रात भर चला ड्रामा
घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ा। शाम आठ बजे टीएमसी नेताओं ने धरना शुरू किया। 8:20 बजे चुनाव आयोग के अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की। रात नौ बजे सुरक्षा बढ़ा दी गई। 9:30 बजे स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया। इसके बाद भी तनाव बना रहा। रात करीब 12:30 बजे ममता बनर्जी स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर निकलीं। तब जाकर स्थिति कुछ शांत हुई। लेकिन राजनीतिक बयानबाजी जारी रही।
भाजपा का पलटवार
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि जब ममता बनर्जी स्ट्रॉन्ग रूम में थीं, तब भाजपा के चुनाव एजेंट भी वहां मौजूद थे और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी। उनके चुनाव एजेंट सुरजनील दास ने भी कहा कि भवानीपुर की ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं। भाजपा ने उल्टा टीएमसी पर ही नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री का स्ट्रॉन्ग रूम में जाना ही सवाल खड़े करता है।
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