फालता सीट पर सियासी संग्राम तेज : अभिषेक बनर्जी का बीजेपी को खुला चैलेंज, 21 मई को दोबारा वोटिंग

पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान के फैसले के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। चुनाव आयोग के आदेश के बाद अब सभी दल पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं। 21 मई को इस सीट के सभी 285 पोलिंग बूथों पर फिर से वोटिंग होगी। इससे पहले 29 अप्रैल को हुई वोटिंग के दौरान हिंसा, ईवीएम से छेड़छाड़ और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आई थीं। इसी के चलते चुनाव आयोग ने पूरे क्षेत्र में री-पोल का आदेश दिया। अब इस फैसले ने राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है।
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने बीजेपी के शीर्ष नेताओं को खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि “बांग्ला विरोधी गुजराती गैंग और उनके साथी मेरे डायमंड हार्बर मॉडल को नुकसान नहीं पहुंचा सकते। उन्हें इसमें दस जन्म भी कम पड़ जाएंगे।” उन्होंने केंद्र सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है, तो अपने सबसे मजबूत नेता को फालता से चुनाव लड़ने के लिए भेजें। उनके इस बयान ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है।
‘डायमंड हार्बर मॉडल’ पर सियासत
अभिषेक बनर्जी ने अपने ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ का जिक्र करते हुए दावा किया कि उनके क्षेत्र में विकास कार्य मजबूत हैं और विपक्ष उसे कमजोर नहीं कर सकता। उनका यह बयान बीजेपी नेता अमित मालवीय के उस सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब में आया, जिसमें उन्होंने री-पोल के फैसले को ‘डायमंड हार्बर मॉडल की विफलता’ बताया था। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे चुनावी माहौल और ज्यादा तीखा होता जा रहा है।
वोटिंग और काउंटिंग का शेड्यूल
फालता सीट पर 21 मई को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान होगा। इसके बाद 24 मई को मतगणना की जाएगी। चुनाव आयोग ने इस बार पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। सभी पोलिंग स्टेशनों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जाएगी। साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
काउंटिंग सेंटर्स पर सख्त सुरक्षा
चुनाव आयोग ने सिर्फ वोटिंग ही नहीं, बल्कि मतगणना को लेकर भी सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। असम, बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में काउंटिंग सेंटर्स पर तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पहले और दूसरे लेयर पर आईडी कार्ड की मैन्युअल जांच होगी, जबकि तीसरे लेयर पर क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद ही एंट्री मिलेगी। यह व्यवस्था रिटर्निंग ऑफिसर, काउंटिंग स्टाफ, उम्मीदवार और उनके एजेंट्स के लिए लागू होगी। इसका उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
बीजेपी का पलटवार और आरोप
वहीं, पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले ज्यादातर राजनीतिक हत्याओं के पीछे टीएमसी का हाथ है। उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में हुए 95% राजनीतिक हत्याओं में टीएमसी कार्यकर्ता शामिल रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर पैसों को लेकर अंदरूनी संघर्ष चल रहा है।
फालता सीट पर बढ़ी नजरें
दक्षिण 24 परगना जिले की फालता विधानसभा सीट अब राज्य की सबसे चर्चित सीटों में शामिल हो गई है। यहां होने वाला री-पोल सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। सभी पार्टियां इसे अपनी ताकत दिखाने का मौका मान रही हैं। आने वाले दिनों में प्रचार और बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। अब सबकी नजर 21 मई की वोटिंग और 24 मई के नतीजों पर टिकी है, जो इस सियासी टकराव का फैसला करेंगे।
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