बंगाल में बड़ा सियासी उलटफेर : रुझानों में बीजेपी बहुमत के करीब, टीएमसी 100 से नीचे सिमटी

पश्चिम बंगाल की 294 में से 293 विधानसभा सीटों पर आज मतगणना जारी है। सुबह आठ बजे से शुरू हुई काउंटिंग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। कड़ी सुरक्षा के बीच 77 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती हो रही है। दोपहर तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि राज्य में अगली सरकार किसकी बनेगी। शुरुआती रुझानों ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है और माहौल पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है।
रुझानों में भारतीय जनता पार्टी जबरदस्त प्रदर्शन करती दिखाई दे रही है। आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 140 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाकर बहुमत के करीब पहुंच चुकी है। वहीं तृणमूल कांग्रेस 100 के आंकड़े से नीचे सिमटती दिख रही है। यह रुझान अगर नतीजों में बदलता है, तो बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा। भाजपा नेताओं ने पहले ही सरकार बनाने का दावा ठोक दिया है और कार्यकर्ताओं में उत्साह साफ नजर आ रहा है।

ममता बनर्जी भवानीपुर से पीछे
सबसे बड़ा झटका मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगता दिख रहा है। वह अपनी प्रतिष्ठित सीट भवानीपुर से पीछे चल रही हैं। यह सीट उनका मजबूत गढ़ मानी जाती रही है, लेकिन इस बार मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है। उनके कई मंत्री भी पीछे चल रहे हैं। कोलकाता की श्यामपुकुर सीट से मंत्री शशि पांजा पीछे हैं, वहीं फिरहाद हकीम भी मुकाबले में पिछड़ते नजर आ रहे हैं। इससे साफ है कि एंटी-इंकंबेंसी का असर बड़े नेताओं तक पहुंच चुका है।
कांग्रेस को भी झटका, अधीर रंजन पीछे
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी मुर्शिदाबाद की बहरमपुर सीट से पीछे चल रहे हैं। पहले राउंड में ही वह लगभग 1200 वोटों से पिछड़ गए हैं। यह कांग्रेस के लिए भी चिंता का संकेत है, क्योंकि राज्य में पार्टी पहले ही कमजोर स्थिति में है।

कई सीटों पर कांटे की लड़ाई
राज्य की कई सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी है। उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया और मालदा जैसे जिलों में दोनों प्रमुख दलों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। कलिम्पोंग में बीजीपीएम उम्मीदवार आगे चल रहा है, जबकि झाड़ग्राम जैसे इलाकों में बीजेपी बढ़त बनाए हुए है। कोलकाता की कुछ सीटों पर टीएमसी अब भी पकड़ बनाए हुए है, लेकिन ओवरऑल ट्रेंड भाजपा के पक्ष में झुकता दिख रहा है।
महिला वोटर्स बने गेम-चेंजर
इस चुनाव में महिला मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम रही है। भारी संख्या में महिलाओं ने वोट डाला। कई सीटों पर उनका प्रतिशत पुरुषों के बराबर या उससे ज्यादा रहा। विश्लेषकों का मानना है कि महिलाओं का यह निर्णायक वोट ही चुनाव के नतीजों को एकतरफा दिशा दे सकता है। 92% से ज्यादा मतदान यह संकेत देता है कि जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है।
हाई अलर्ट पर प्रशासन
मतगणना केंद्रों को पूरी तरह किले में तब्दील कर दिया गया है। केंद्रीय बलों की 700 कंपनियां तैनात हैं। अंदर और बाहर दो-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है।
432 मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षक पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। बिना क्यूआर कोड वाले पास के किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं है। मोबाइल फोन पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।
छोटी-छोटी घटनाएं, लेकिन माहौल कंट्रोल में
भवानीपुर में टीएमसी और बीजेपी के एजेंटों के बीच हल्की नोकझोंक जरूर हुई, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को तुरंत संभाल लिया। सिलीगुड़ी के कुछ केंद्रों पर तकनीकी कारणों से काउंटिंग में देरी हुई, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि प्रक्रिया जल्द सामान्य हो जाएगी।
बड़े चेहरे, बड़ा फैसला
इस चुनाव में 2,900 से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला हो रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सुवेंदु अधिकारी, अधीर रंजन चौधरी जैसे बड़े नेताओं की साख दांव पर है। भवानीपुर सीट पर खास नजर बनी हुई है, जहां से राज्य की राजनीति का भविष्य तय होता दिख रहा है।
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