अरामबाग में टीएमसी सांसद की कार पर हमला: मिताली बाग ने भाजपा पर लगाया गुंडागर्दी का आरोप, घायल हुईं सांसद और ड्राइवर

पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन राजनीतिक माहौल बेहद गरम हो गया। मिताली बाग ने आरोप लगाया कि अरामबाग में उनके चुनाव प्रचार के दौरान उनकी कार पर हमला किया गया। उन्होंने फेसबुक लाइव के जरिए घटना की जानकारी दी। उनके अनुसार, हमला अचानक हुआ और लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया गया। इस हमले में उन्हें और उनके ड्राइवर को चोटें आई हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद मिताली बाग ने फेसबुक लाइव में बताया कि वह प्रचार अभियान में व्यस्त थीं। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। उन्होंने कहा कि हमलावरों ने गाड़ी पर लाठी-डंडों से हमला किया। गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए। वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता शामिल थे। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
कार में तोड़फोड़
टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी इस घटना को लेकर पोस्ट किया। पार्टी का कहना है कि मिताली बाग पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी की रैली में शामिल होने जा रही थीं। इसी दौरान उनके काफिले को निशाना बनाया गया। हमले में उनकी कार को भारी नुकसान पहुंचा। गाड़ी के शीशे पूरी तरह टूट गए। घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। ड्राइवर को भी चोटें आई हैं।
भाजपा पर गंभीर आरोप
तृणमूल कांग्रेस ने इस हमले को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि भाजपा चुनाव में हार के डर से हिंसा का सहारा ले रही है। टीएमसी के बयान में कहा गया कि भाजपा अब लोकतांत्रिक तरीकों के बजाय डराने-धमकाने की राजनीति कर रही है। पार्टी ने इसे गुंडागर्दी करार दिया। साथ ही यह भी कहा कि अगर बिना सत्ता के भाजपा ऐसा कर सकती है, तो सत्ता मिलने पर हालात और बिगड़ सकते हैं।
महिला सांसद पर हमले को बताया कायराना कदम
टीएमसी ने इस घटना को एक महिला और अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाली सांसद पर कायरतापूर्ण हमला बताया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल राजनीतिक फायदे के लिए हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं।
मतदाताओं से अपील
घटना के बाद टीएमसी ने मतदाताओं से अपील की है कि वे ऐसे तत्वों को चुनाव में जवाब दें। पार्टी ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए शांति और सुरक्षा जरूरी है। वहीं इस घटना ने चुनावी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर प्रशासन और चुनाव आयोग की कार्रवाई पर टिकी है।
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