जून की पहली तारीख को बड़ा झटका: कमर्शियल सिलेंडर 53.50 रुपये महंगा, बैंकिंग और सोलर के नियम बदले

22 घंटे पहले
कमर्शियल सिलेंडर 53.50 रुपये महंगा, बैंकिंग और सोलर के नियम बदले

जून माह की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई महत्वपूर्ण आर्थिक और उपभोक्ता संबंधी बदलाव लागू हो गए हैं। जिनका सीधा असर आम लोगों, व्यापारियों, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों और बैंक ग्राहकों पर पड़ेगा। एक जून से कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। जबकि पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्यात शुल्क की नई दरें भी लागू हो गई हैं। इसके अलावा बैंकिंग सेवाओं और सोलर ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन परिवर्तनों का प्रभाव आने वाले दिनों में बाजार और उपभोक्ताओं दोनों पर दिखाई देगा।

तेल विपणन कंपनियों ने एक जून से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 53.50 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। राजधानी दिल्ली में अब यह सिलेंडर 3113.50 रुपये में उपलब्ध होगा। वहीं पहले इसकी कीमत 3071.50 रुपये थी। इसके साथ ही 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडर के दाम में भी 11 रुपये की वृद्धि की गई है। अब यह सिलेंडर 821.50 रुपये में मिलेगा। हालांकि घरेलू उपयोग के 14.2 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कॉमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और कैटरिंग व्यवसाय की लागत बढ़ेगी। जिसका असर खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर नई एक्सपोर्ट ड्यूटी लागू

केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन (एटीएफ) पर लागू निर्यात शुल्क में संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल के निर्यात पर 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.5 रुपये प्रति लीटर की एक्सपोर्ट ड्यूटी निर्धारित की गई है। सरकार का मानना है कि इससे रिफाइनरी कंपनियों को इंटरनेशनल मार्केट में अधिक प्रतिस्पर्धी बनने का अवसर मिलेगा। हालांकि इस फैसले का घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर तत्काल कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

छोटे यूपीआई ट्रांजैक्शन पर नहीं आएंगे एसएमएस अलर्ट

निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने भी अपने ग्राहकों के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब छोटे मूल्य के यूपीआई लेन-देन पर एसएमएस अलर्ट नहीं भेजे जाएंगे। नए नियम के अनुसार, 100 रुपये से अधिक की राशि भेजने और 500 रुपये से अधिक की राशि प्राप्त होने पर ही ग्राहकों को एसएमएस नोटिफिकेशन मिलेगा। बैंक का कहना है कि इससे ग्राहकों के मोबाइल इनबॉक्स में अनावश्यक संदेशों की संख्या कम होगी। डिजिटल बैंकिंग अनुभव अधिक सुविधाजनक बनेगा।

सोलर परियोजनाओं में प्रमाणित उपकरणों का उपयोग अनिवार्य

सरकार ने सब्सिडी आधारित रूफटॉप सोलर और नेट-मीटरिंग परियोजनाओं के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। अब इन परियोजनाओं में केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निर्माताओं के सोलर पैनलों का ही उपयोग किया जा सकेगा। इस कदम का उद्देश्य सौर ऊर्जा परियोजनाओं की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बढ़ाना है। हालांकि इससे शुरुआती निवेश लागत कुछ बढ़ सकती है। उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता, लंबी वारंटी और अधिक सुरक्षित सोलर सिस्टम का लाभ मिलेगा।

आम आदमी से लेकर कारोबार तक दिखेगा असर

एक्सपर्ट्स के अनुसार, जून में लागू हुए ये बदलाव केवल उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं हैं। इनका प्रभाव व्यापार, ऊर्जा, बैंकिंग और सेवा क्षेत्रों पर भी पड़ेगा। गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतें जहां महंगाई के दबाव को बढ़ा सकती हैं। बैंकिंग और सोलर सेक्टर में किए गए सुधार डिजिटल और हरित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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