जयपुर में अवैध पटाखा गोदाम में लगी भीषण आग: बच्चे समेत सात की मौत, जांच के बाद मालिकों पर होगी कार्रवाई

जयपुर में मंगलवार को हुए भीषण अग्निकांड ने सात लोगों की जान ले ली। खोह नागोरियान क्षेत्र के आयशा नगर तलाई इलाके में स्थित एक पटाखा गोदाम में सुबह करीब 11 बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गोदाम में मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए। हादसे में एक बच्चे समेत सात लोगों की मौत हो गई। जबकि एक मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार गोदाम में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामग्री रखी गई थी। जिसके कारण आग तेजी से फैल गई। जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह किसी ज्वलनशील पदार्थ में हुए विस्फोट या तकनीकी कारणों को माना जा रहा है। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। मृतकों में अब्दुल वाहिद (50), राबिल, बिलाल (30), समीर (20) और अजीम उर्फ आविद की पहचान हो चुकी है। जबकि दो अन्य बॉडी की शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है।
अवैध गोदाम पर उठे सवाल
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि जिस स्थान पर हादसा हुआ। वहां पटाखों का गोदाम संचालित किया जा रहा था। जबकि फैक्ट्री दूसरी जगह स्थित है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि रिहायशी इलाके में गोदाम अवैध रूप से संचालित हो रहा था। मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार मकान याकूब नामक व्यक्ति का है। जिसने इसे दिल्ली निवासी फिरोज को किराए पर दिया था। आरोप है कि फिरोज और उसका सहयोगी वसीम यहां अवैध रूप से पटाखा कारोबार चला रहे थे।
प्रशासन और पुलिस पर भी उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय विधायक अमीन कागजी ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि रिहायशी क्षेत्र में बारूद और पटाखों का गोदाम संचालित हो रहा था। इसकी जानकारी संबंधित विभागों को क्यों नहीं थी? उन्होंने हादसे को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के कारणों के साथ-साथ गोदाम के संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।
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