जहर के मरीज को चढ़ाया मिनरल वाटर: लापरवाही पर डॉक्टर-नर्स को नोटिस जारी, वीडियो वायरल होने पर जागा प्रशासन

डिंडौरी जिला अस्पताल में इलाज के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। चूहामार दवा खाने वाले युवक का पेट साफ करने के लिए डॉक्टर द्वारा मिनरल वाटर इस्तेमाल किए जाने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित डॉक्टर और स्टाफ नर्स को नोटिस जारी किया गया है। नव्य जागरण वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
पुलिस के अनुसार, संयुक्त कलेक्टर के निजी वाहन चालक कपूर यादव के 18 वर्षीय पुत्र सत्यम यादव ने चूहामार दवा खा ली थी। तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हाल ही में पदस्थ हुए डॉ. भरत कुमार संत उसकी देखरेख कर रहे थे। इलाज के दौरान पेट साफ करने के लिए मिनरल वाटर चढ़ाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
मामले की जांच शुरू
डॉ. भरत कुमार संत का कहना है कि पेट साफ करने की प्रक्रिया में मिनरल वाटर का उपयोग किया गया। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि विषाक्त पदार्थ खाने वाले मरीजों के उपचार में मेडिकल ग्रेड नॉर्मल सलाइन या विशेष घोल का ही इस्तेमाल किया जाता है। उनका यह भी कहना है कि मिनरल वाटर में मौजूद खनिज और बैक्टीरिया मरीज के लिए अतिरिक्त जोखिम पैदा कर सकते हैं। फिलहाल युवक स्वस्थ होने के बाद घर लौट चुका है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने बताया कि पूरे घटनाक्रम, वीडियो वायरल होने और उपचार प्रक्रिया की जांच कराई जा रही है। सीएमएचओ ने संबंधित डॉक्टर और स्टाफ नर्स से प्रतिवेदन भी तलब किया है।
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