एशियन गेम्स तीरंदाजी टीम घोषित: दीपिका और अतानु बाहर, धीरज और ज्योति ने ट्रायल्स में दिखाई बादशाहत

भारतीय तीरंदाजी संघ ने जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। हरियाणा के सोनीपत स्थित साई सेंटर में तीन दिनों तक चले कड़े चयन ट्रायल्स के बाद टीम का चयन किया गया। ट्रायल्स में देश के स्टार तीरंदाज धीरज बोम्मादेवर और ज्योति सुरेखा वेन्नम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने वर्ग में शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्होंने आसानी से एशियन गेम्स का टिकट कटाया। वहीं इस चयन प्रक्रिया में कई बड़े नाम उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। चार बार की ओलिंपियन दीपिका कुमारी, पूर्व भारतीय नंबर-1 अतानु दास और अनुभवी कंपाउंड तीरंदाज अभिषेक वर्मा टीम में जगह बनाने से चूक गए। इन दिग्गज खिलाड़ियों का बाहर होना भारतीय तीरंदाजी जगत में बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।
महिलाओं के रिकर्व वर्ग में इस बार युवा खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। हरियाणा के जींद की 19 वर्षीय तीरंदाज कीर्ति शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13.5 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। महाराष्ट्र की कुमकुम मोहोद दूसरे स्थान पर रहीं। दोनों खिलाड़ियों ने बेहतरीन निरंतरता दिखाते हुए सीधे एशियन गेम्स टीम में अपनी जगह सुनिश्चित की। ट्रायल्स के दौरान युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और तकनीकी सटीकता अनुभवी खिलाड़ियों पर भारी पड़ती नजर आई। खेल एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय तीरंदाजी में अब नई पीढ़ी तेजी से अपनी जगह मजबूत कर रही है।
शूट-ऑफ में दीपिका को मिली हार
महिलाओं की रिकर्व टीम के तीसरे और अंतिम स्थान के लिए मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। अनुभवी दीपिका कुमारी और ओलिंपियन अंकिता भकत तीन दिनों के ट्रायल्स के बाद बराबरी पर रहीं। दोनों खिलाड़ियों के 10.75 अंक होने के कारण चयन के लिए निर्णायक शूट-ऑफ कराया गया। इस दबाव भरे मुकाबले में अंकिता भकत ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए दीपिका को मात दी और एशियन गेम्स टीम का आखिरी टिकट हासिल कर लिया। इसके साथ ही दीपिका लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स से बाहर हो गईं। इससे पहले 2022 हांगझोऊ एशियन गेम्स में वे मातृत्व कारणों से हिस्सा नहीं ले सकी थीं।
संघर्ष से टीम इंडिया तक पहुंची कीर्ति शर्मा
ट्रायल्स में शीर्ष पर रहने वाली कीर्ति शर्मा की सफलता की कहानी भी प्रेरणादायक रही। हरियाणा के साधारण परिवार से आने वाली कीर्ति के पिता लोहे के गेट बनाने का काम करते हैं। वर्ष 2022 में टैलेंट स्काउटिंग ट्रायल्स के दौरान उनका चयन साई हजारीबाग सेंटर के लिए हुआ था। महज दो वर्षों में उन्होंने राष्ट्रीय टीम तक का सफर तय कर लिया। इसी साल फरवरी में बैंकॉक एशिया कप से अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाली कीर्ति अब तक कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं।
कंपाउंड टीम में भी बड़ा बदलाव
पुरुष कंपाउंड वर्ग में भी इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला। पिछले एशियन गेम्स में भारत के लिए कई पदक जीतने वाले अनुभवी अभिषेक वर्मा का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वे शीर्ष आठ खिलाड़ियों में अंतिम स्थान पर रहे। वहीं विश्व रैंकिंग में सातवें स्थान पर मौजूद ऋषभ यादव भी चौथे स्थान पर रहकर टीम में जगह नहीं बना सके। उनकी जगह आंध्र प्रदेश के थिरुमुरु गणेश मणि रत्नम ने टीम में प्रवेश किया। अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम एकमात्र ऐसी सीनियर खिलाड़ी रहीं, जिन्होंने अपना स्थान बरकरार रखा। अब भारतीय टीम सितंबर-अक्टूबर में जापान के आईची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स में नए संयोजन के साथ उतरती दिखाई देगी।
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