रूस पर यूक्रेन का सबसे बड़ा ड्रोन हमला: मॉस्को तक गूंजी धमाकों की आवाज, 1000 से अधिक ड्रोन-मिसाइलों से तबाही

2 घंटे पहले
मॉस्को तक गूंजी धमाकों की आवाज, 1000 से अधिक ड्रोन-मिसाइलों से तबाही

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच गुरुवार को संघर्ष ने एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया। यूक्रेन ने रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला कर दिया। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यूक्रेन ने रातभर में 1000 से अधिक ड्रोन और चार क्रूज मिसाइलों के जरिए विभिन्न रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें से लगभग 200 ड्रोन राजधानी मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे। जिन्हें रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने रास्ते में ही मार गिराने का दावा किया है। इस बड़े हमले के बाद रूस के कई इलाकों में धमाकों और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। इससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।

रिपोर्टों के अनुसार यूक्रेनी हमले में रूस के दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र स्थित एक महत्वपूर्ण ऑयल डिपो को भारी नुकसान पहुंचा। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि तेल भंडारण टैंक का ढक्कन कई मीटर ऊपर जा उछला और पूरे इलाके में काले धुएं का गुबार फैल गया। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत की भी पुष्टि हुई है। वहीं मॉस्को की कपोतन्या ऑयल रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया। हमले के बाद आसपास के क्षेत्रों में दहशत फैल गई। कई इमारतों को एहतियातन खाली कराया गया।

मॉस्को में हाई अलर्ट, उड़ानों पर लगी रोक

हमले के बाद मॉस्को और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया। ड्रोन के मलबे गिरने से कुछ रिहायशी और व्यावसायिक भवनों को नुकसान पहुंचा। स्थिति को देखते हुए राजधानी के प्रमुख हवाई अड्डों पर कुछ समय के लिए उड़ानों का संचालन भी रोक दिया गया। आपातकालीन सेवाओं और सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया। जबकि प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए।

जेलेंस्की का सख्त संदेश

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को रूस की हालिया सैन्य कार्रवाई का जवाब बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया है जो रूस के युद्ध अभियान को समर्थन दे रहे थे। जेलेंस्की ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हम यह युद्ध नहीं चाहते थे। लेकिन यदि यूक्रेन जलेगा तो मॉस्को भी जलेगा।” उन्होंने रूस से युद्ध समाप्त करने के लिए कूटनीतिक समाधान अपनाने की अपील भी की और सैन्य व खुफिया एजेंसियों की कार्रवाई की सराहना की।

युद्ध के बीच यूक्रेन को G7 का समर्थन

मॉस्को पर हुए इस बड़े हमले के बीच G7 देशों ने यूक्रेन को अतिरिक्त सैन्य सहायता देने का ऐलान किया है। संगठन ने कहा है कि यूक्रेन को आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम, इंटरसेप्टर मिसाइलें और लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियार उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही रूस के तेल और गैस कारोबार पर प्रतिबंधों को और कड़ा करने का निर्णय लिया गया है। G7 देशों ने यूक्रेन की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी अतिरिक्त आर्थिक सहयोग देने का भरोसा जताया है।

बढ़ती जा रही है युद्ध की तीव्रता

एक्सपर्ट्स का मानना है कि वर्ष 2023 के बाद से यूक्रेन की ड्रोन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह युद्ध केवल सीमावर्ती मोर्चों तक सीमित नहीं रह गया है।दोनों देश एक-दूसरे के ऊर्जा प्रतिष्ठानों, तेल डिपो और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में यह संघर्ष लगातार अधिक व्यापक और विनाशकारी स्वरूप ग्रहण करता दिखाई दे रहा है। विश्व समुदाय की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव कूटनीतिक समाधान की दिशा में बढ़ता है या फिर युद्ध और अधिक उग्र रूप लेता है।

नव्य जागरण

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