डायबिटीज के मरीज भी खा सकते है चॉकलेट: सीमित मात्रा में करे डार्क चॉकलेट का सेवन, चीनी और कैलोरी की मात्रा होती है अधिक

अक्सर लोगों के मन में ये डाउट रहता ही है कि क्या वो डायबिटीज में चॉकलेट खा सकते हैं या नहीं। आज वर्ल्ड चॉकलेट डे के मौके पर हम जानेंगें कि डायबिटीज वाले मरीज चॉकलेट खा सकते है या नहीं, अगर खा सकते है तो उसकी मात्रा कितनी होनी चाहिए। 7 जुलाई को हर साल विश्व चॉकलेट दिवस मनाया जाता है। इस खास मौके पर लोग अपनी पसंदीदा चॉकलेट का आनंद लेते हैं, लेकिन डायबिटीज यानी शुगर के मरीजों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या वे चॉकलेट खा सकते हैं या नहीं।
हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही प्रकार की चॉकलेट और सीमित मात्रा का चुनाव किया जाए तो मधुमेह के मरीज भी कभी-कभार चॉकलेट का स्वाद ले सकते हैं। इसे खाने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आमतौर पर चॉकलेट में चीनी और कैलोरी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसका अधिक सेवन ब्लड शुगर बढ़ा सकता है।
सही मात्रा में चुनाव के साथ कर सकते है चॉकलेट का सेवन
डायबिटीज के मरीज सही मात्रा और सही चॉकलेट का चुनाव कर सेवन कर सकते है। विशेषज्ञ बताते है कि, डायबिटीज के मरीज कभी-कभार सीमित मात्रा में डार्क चॉकलेट खा सकते हैं। यह ब्लड शुगर को अचानक बढ़ाने वाली साधारण मिल्क या व्हाइट चॉकलेट की तुलना में बेहतर विकल्प मानी जाती है।
शुगर के मरीजों के लिए डार्क चॉकलेट, फाइबर और कोको बेहतर विकल्प
70% या उससे अधिक कोको वाली डार्क चॉकलेट को खा सकते हैं। कम चीनी या बिना चीनी वाली चॉकलेट बेहतर विकल्प हो सकती है। ऐसी चॉकलेट लें जिसमें फाइबर और कोको की मात्रा अधिक हो। व्हाइट चॉकलेट और अधिक चीनी वाली मिल्क चॉकलेट से बचें।
डायबिटीज के मरीज संतुलित आहार के साथ खाएं चॉकलेट
एक बार में 20–30 ग्राम से ज्यादा चॉकलेट न खाएं। भोजन के तुरंत बाद या संतुलित आहार के साथ ही चॉकलेट खाएं। खाली पेट चॉकलेट खाने से बचें। रोजाना चॉकलेट खाने की आदत न बनाएं। ब्लड शुगर की नियमित जांच करते रहें। यदि शुगर नियंत्रण में नहीं है, तो डॉक्टर की सलाह के बिना चॉकलेट न खाएं।
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है। इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने में मदद मिल सकती है। दिल की सेहत के लिए फायदेमंद मानी जाती है। ब्लड फ्लो बेहतर बनाने में सहायक हो सकती है। मीठा खाने की इच्छा को सीमित मात्रा में पूरा कर सकती है।
मोटापे और फैटी लिवर वाले मरीज न खाएं चॉकलेट
जिनका ब्लड शुगर लगातार बहुत ज्यादा रहता है। जिनकी डायबिटीज अनियंत्रित है। मोटापे और फैटी लिवर से पीड़ित मरीज। जिन्हें डॉक्टर ने मीठा पूरी तरह बंद करने की सलाह दी हो।
क्या कहते है विशेषज्ञ
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, डायबिटीज होने का मतलब यह नहीं है कि आपको चॉकलेट पूरी तरह छोड़नी होगी। सही मात्रा और सही विकल्प का चयन सबसे महत्वपूर्ण है। 70 प्रतिशत या उससे अधिक कोको वाली डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनॉयड्स और पॉलीफेनॉल्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, यह तभी फायदेमंद है जब इसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाए। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चॉकलेट को संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ ही शामिल करें और ब्लड शुगर की निगरानी करते रहें।
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