भारतीय परंपरा में शामिल है मुल्तानी मिट्टी: त्वचा को अंदर से रखती है साफ, डेली यूज से मिलते है कई लाभ

मुल्तानी मिट्टी भारतीय पारंपरिक स्किनकेयर में हमेशा से लोकप्रिय रही है। कई लोग इसे चेहरे और त्वचा की देखभाल के लिए प्राकृतिक विकल्प मानते हैं, क्योंकि इसमें अतिरिक्त तेल सोखने और त्वचा को साफ महसूस कराने की क्षमता होती है। यही वजह है कि आज भी बाजार में मिलने वाले कई फेस पैक और स्किनकेयर उत्पादों में मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि मुल्तानी मिट्टी कोई जादुई इलाज नहीं है और न ही यह हर व्यक्ति की त्वचा पर एक जैसा असर करती है। मुल्तानी मिट्टी को स्किन केयर में इस्तेमाल करने वालों को एक नहीं कई त्वचा संबंधित समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। जैसे मुंहासे, ऑयली स्किन, टैनिंग या दाग-धब्बे आदि। ध्यान रखें कि यह कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन ड्राई स्किन वालों को त्वचा विशेषज्ञ के सलाह पर ही इस्तेमाल करना चाहिए। सही सामग्री के साथ और सही तरीके से उपयोग करने पर मुल्तानी मिट्टी त्वचा को ताजगी का एहसास दे सकती है।
तैलीय त्वचा के लिए रामबाण है मुल्तानी मिट्टी
मुल्तानी मिट्टी अतिरिक्त तेल को सोखने में मदद करती है। यही कारण है कि ऑयली स्किन वाले लोग इसे फेस पैक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। अतिरिक्त तेल कम होने से कुछ लोगों में मुंहासों की समस्या भी कम हो सकती है। हालांकि, मुंहासों के कई कारण होते हैं, इसलिए यह हर मामले में उपचार का विकल्प नहीं है।
स्किन को अंदर से करे साफ
मुल्तानी मिट्टी त्वचा की सतह से गंदगी और अतिरिक्त तेल हटाने में सहायक हो सकती है। इससे ब्लैकहेड्स कम दिखाई देने में मदद मिल सकती है। धूप से हुई टैनिंग के बाद दही, एलोवेरा जेल या गुलाब जल के साथ इसका फेस पैक त्वचा को ताजगी का एहसास दे सकता है। ध्यान रखें कि टैनिंग हटने की गति व्यक्ति की त्वचा पर निर्भर करती है।
रोजाना इस्तेमाल से त्वचा रहती है फ्रेश
नियमित स्किनकेयर रूटीन के हिस्से के रूप में मुल्तानी मिट्टी का उपयोग त्वचा को साफ और फ्रेश महसूस कराने में मदद कर सकता है। कुछ लोग इसे हल्दी, एलोवेरा जेल या चंदन पाउडर के साथ मिलाकर लगाते हैं। हालांकि, गहरे दाग-धब्बों या पिग्मेंटेशन के लिए केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
त्वचा को साफ और ओपेन पोर्स को कम करने में मददगार
मुल्तानी मिट्टी त्वचा को साफ और मैट लुक देने में मदद कर सकती है, जिससे पोर्स कम दिखाई दे सकते हैं। लेकिन यह स्थायी रूप से पोर्स का आकार कम नहीं करती। चेहरे को धोने के बाद हल्का मॉइस्चराइज़र और दिन में सनस्क्रीन लगाना भी स्किनकेयर का जरूरी हिस्सा है।
गुलाब जल, दही और एलोवेरा के साथ करे यूज
मुल्तानी मिट्टी को गुलाब जल, दही या एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इस फेसपैक को चेहरे पर 10-15 मिनट तक लगाएं। पूरी तरह सूखने से पहले ही हल्के गुनगुने पानी से धो लें। सप्ताह में 1-2 बार उपयोग करना अधिकांश लोगों के लिए पर्याप्त होता है।
मुल्तानी मिट्टी लगाने से पहले बरते सावधानी
चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी लगाने से पहले पैच टेस्ट करना अच्छा होता हैं। अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई और संवेदनशील है तो चेहरे पर कुछ भी लगाने से बचना चाहिए। जलन और एलर्जी जैसी संभावना दिखने पर त्चचा विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
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