खेत की पैमाइश के नाम पर रिश्वत लेने का वीडियो वायरल: कानूनगो पर चार हजार रुपए लेने का आरोप, एसडीएम ने बैठाई जांच

जिले के मार्टिनगंज तहसील में तैनात एक कानूनगो का कथित रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जिसके बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। वीडियो में एक युवक 500-500 रुपये के नोट गिनता दिखाई दे रहा है। जबकि बाइक पर बैठे कानूनगो की ओर इशारा कर रकम दी जाती नजर आ रही है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
बताया जा रहा है कि आमगांव ब्लॉक निवासी घनश्याम गौतम अपने खेत की पैमाइश कराने के लिए लंबे समय से तहसील के चक्कर लगा रहे थे। पीड़ित का आरोप है कि कई बार शिकायत और आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। बाद में राजस्व कर्मियों की ओर से पैमाइश कराने के बदले चार हजार रुपये की मांग की गई थी। परेशान होकर किसान कथित तौर पर रिश्वत देने को मजबूर हो गया।
सुनसान जगह पर बुलाकर लिए गए पैसे
वायरल वीडियो में तीन लोग दिखाई दे रहे हैं। दो युवक नीचे खड़े हैं, जबकि कानूनगो बाइक पर बैठे नजर आ रहे हैं। वीडियो में पीड़ित युवक 500-500 रुपये के आठ नोट गिनता है। पहले वह रकम पास खड़े युवक को देने की कोशिश करता है, लेकिन वह कानूनगो की ओर इशारा कर देता है। इसके बाद युवक सीधे बाइक पर बैठे कानूनगो को पैसे देता दिखाई देता है। सूत्रों के मुताबिक, कानूनगो रामबचन यादव ने पैसे लेने के लिए युवक को सुनसान स्थान पर बुलाया था। वहीं किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया है।अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है।
कानूनगो ने आरोपों को बताया साजिश
मामले में आरोपी कानूनगो रामबचन यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में जो लोग पैसे गिन रहे हैं, वे किसी अन्य व्यक्ति को रकम दे रहे थे। न तो उन्होंने कोई रिश्वत ली और न ही उनसे किसी ने पैसा लिया। कानूनगो ने आरोप लगाया कि उन्हें फंसाने के लिए यह पूरी साजिश रची गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दे दी गई है और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
SDM बोलीं- जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
वहीं पूरे मामले को लेकर प्रशासन भी हरकत में आ गया है। एसडीएम दिव्या सिकरवार ने बताया कि मामले की जांच तहसीलदार अंजू यादव को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यदि जांच में रिश्वत लेने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर वीडियो वायरल होने के बाद तहसील प्रशासन की कार्यशैली और राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
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