गोरखपुर में 9 वर्षीय श्वेतिमा ने बनाया विश्व रिकॉर्ड: UN बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ नाम, कम उम्र में बनाया नया कीर्तिमान

जिले की नौ वर्षीय बाल व्यास श्वेतिमा माधव प्रिया ने आध्यात्मिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए विश्व रिकॉर्ड बनाया है। दुनिया की सबसे कम उम्र में सर्वाधिक श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह और आध्यात्मिक प्रवचन करने वाली बाल व्यास के रूप में उनका नाम UN बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। इस उपलब्धि के साथ उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आधिकारिक मान्यता भी मिल गई है।
श्वेतिमा अब तक 36 श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह पूर्ण कर चुकी हैं। इसके अलावा वह 100 से अधिक आध्यात्मिक प्रवचन, सत्संग और प्रेरक व्याख्यान दे चुकी हैं। उनकी सरल भाषा, मधुर वाणी और धार्मिक विषयों पर प्रभावी प्रस्तुति ने कम उम्र में ही उन्हें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बीच विशेष पहचान दिलाई है।
देश-विदेश तक पहुंच रहा संदेश
श्वेतिमा अपने प्रवचनों के माध्यम से सनातन संस्कृति, अच्छे संस्कार, मानवता, विश्व शांति और 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का संदेश दे रही हैं। उनके कथा और प्रवचन उत्तर प्रदेश के साथ देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं तक भी पहुंच रहे हैं। UN बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने सात जुलाई 2026 को उन्हें यह सम्मान प्रदान किया और आधिकारिक मान्यता दी।
संत समाज ने दी शुभकामनाएं
इस उपलब्धि पर संत समाज, शिक्षाविदों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। सभी ने इसे भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा के लिए गौरव का विषय बताया। धरा धाम इंटरनेशनल ने भी इसे गोरखपुर और पूरे देश के लिए सम्मानजनक उपलब्धि बताया है। श्वेतिमा, धरा धाम इंटरनेशनल के संस्थापक सौहार्द शिरोमणि संत डॉ. सौरभ पांडेय और शिक्षाविद् डॉ. रागिनी पांडेय की पुत्री हैं। परिवार ने इस सफलता का श्रेय भगवान की कृपा, नियमित अभ्यास, गुरुजनों के आशीर्वाद और पारिवारिक संस्कारों को दिया है।
अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर
ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।









