रेप के आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास: तीन साल बाद मिला न्याय, 25 हजार का लगा फाइन

जिले से न्याय व्यवस्था की संवेदनशीलता और तत्परता को दर्शाने वाला एक बड़ा फैसला सामने आया है। स्थानीय गोला थाना क्षेत्र में तीन वर्ष पूर्व एक 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची का अपहरण कर उसके साथ रेप करने के जघन्य मामले में कोर्ट ने ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) राकेश कुमार की अदालत ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी शेखर उर्फ चंद्रकेश को दोषी करार दिया। कोर्ट ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जिसे न चुकाने की स्थिति में उसे नौ महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से की गई प्रभावी पैरवी और पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के समन्वय से इस संवेदनशील मामले में पीड़िता को समयबद्ध न्याय सुनिश्चित किया जा सका है।
घटना 12 अप्रैल 2023 से की है। शाम को पीड़िता अपने घर के पास टहलने निकली थी। इसी दौरान गोला थाना क्षेत्र के मठिया निवासी आरोपी शेखर उर्फ चंद्रकेश ने सुनियोजित तरीके से नाबालिग का जबरन अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद रेप की वारदात को अंजाम दिया। इतना ही नहीं, आरोपी ने पीड़िता की मां को मोबाइल फोन पर संपर्क कर न केवल भद्दी गालियां दीं, बल्कि पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद बदहवास परिजनों ने तत्काल स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। जिसके बाद पीड़िता का मेडिकल जांच कराया गया। लोक अभियोजक संजीत शाही, विशेष अभियोजक उमेश मिश्रा और एडीडीसी संजीत कुमार शाही की विधिक रणनीति के कारण आरोपी को कानून के शिकंजे में कसना मुमकिन हो सका।
ऑपरेशन कन्विक्शन और कानून पर बढ़ता भरोसा
शुरुआती दौर में एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी कानून से बचने के लिए फरार हो गया था। लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे अरेस्ट कर जेल भेज दिया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में यूपी पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत त्वरित वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। कोर्ट में समय पर चार्जशीट दाखिल की गई। कोर्ट के इस फैसले के बाद पीड़िता के परिवार ने राहत की सांस ली है। कोर्ट के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है। परिजनों का कहना है कि इस प्रकार के कड़े फैसलों से समाज में अपराधियों के हौसले पस्त होंगे। कोई भी इस तरह के जघन्य कृत्य को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचेगा।
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