म्यांमार में फंसे युवकों की वतन वापसी की जगी उम्मीद: विदेश मंत्रालय तक पहुंची कुशीनगर के युवकों की गुहार, दूतावास को भेजा गया मामला

कुशीनगर|12 घंटे पहले
विदेश मंत्रालय तक पहुंची कुशीनगर के युवकों की गुहार, दूतावास को भेजा गया मामला

पडरौना क्षेत्र से म्यांमार में फंसे युवकों की पीड़ा अब विदेश मंत्रालय तक पहुंच गई है। साइबर अपराधियों के चंगुल में फंसे पडरौना के दो युवकों और बिहार के एक युवक की सुरक्षित वतन वापसी की उम्मीद जगी है। युवकों की मदद के लिए स्वयंसेवी संगठनों और परिजनों की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसे संबंधित भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास को भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद परिवारों में उम्मीद की एक नई किरण जगी है। हालांकि युवकों की हालत और वहां के हालात को लेकर चिंता अभी भी बरकरार है।

पडरौना के महाराणा प्रताप नगर, जंगल बेलवा निवासी मोहम्मद उस्मान अंसारी ने मंगलवार को वीडियो कॉल के जरिए अपनी आपबीती सुनाई। बातचीत के दौरान वह बेहद डरे और मानसिक रूप से टूटे हुए नजर आए। उन्होंने बताया कि वह पहले से शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीज हैं। तनाव और दवा की कमी के कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। उस्मान ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने दवा दिलाने की मांग की तो उन्हें धमकाया गया और चुपचाप काम करने के लिए मजबूर किया गया। उनके साथ मोहम्मद हसन रजा और बिहार के सीतामढ़ी निवासी अनुरंजन कुमार भी वहां फंसे हुए हैं।

सोशल मीडिया ठगी कराने का दबाव

उस्मान ने बताया कि उनसे महिलाओं के नाम से फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनवाकर लोगों को फंसाने, क्रिप्टोकरेंसी जमा कराने और ऑनलाइन ठगी कराने का दबाव बनाया जा रहा है। विरोध करने पर पहले उनका पासपोर्ट छीन लिया गया। अब डराकर जबरन काम कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ठीक से खाना तक नहीं मिल रहा और कई रातें अचार और भूजा खाकर गुजारनी पड़ीं। बातचीत के दौरान वह कई बार भावुक हो गए और मदद की गुहार लगाते रहे।

विदेश मंत्रालय ने शुरू की कार्रवाई

प्रवासी भारतीय सहायता समूह ‘निस्वार्थ’ और मदद फाउंडेशन की ओर से विदेश मंत्रालय और दिल्ली स्थित म्यांमार दूतावास को ईमेल भेजकर युवकों की सुरक्षित वापसी की मांग की गई थी। संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक विदेश मंत्रालय ने जवाबी ईमेल में बताया है कि मामले को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित भारतीय दूतावास को भेज दिया गया है। वहीं उस्मान के भाई मोहम्मद आमिर को भी विदेश मंत्रालय से जवाब मिला है कि मामले का संज्ञान लिया जा चुका है।

“डीएम साहब और विदेश मंत्री जी, हमें बचा लीजिए”

मंगलवार को युवकों ने वीडियो और वॉयस मैसेज बनाकर स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किए। उन्होंने डीएम महेंद्र सिंह तंवर और विदेश मंत्री से मदद की अपील की। वीडियो में युवक हाथ जोड़कर भारत वापस बुलाने की गुहार लगाते नजर आए। परिवार वालों का कहना है कि युवकों के चेहरे और आवाज में डर साफ झलक रहा है।

जंगल और पहाड़ी इलाके में कैद जैसे हालात

युवकों ने व्हाट्सएप के जरिए अपनी लाइव लोकेशन भी साझा की है, जो म्यांमार-थाईलैंड सीमा के पास एक सुनसान पहाड़ी इलाके की बताई जा रही है। युवकों का कहना है कि वहां हर समय निगरानी रहती है और छिपकर वाईफाई कनेक्ट कर ही वे परिवार से बात कर पाते हैं। उन्हें डर है कि कहीं मोबाइल फोन भी न छीन लिया जाए। परिवार वालों ने सरकार से जल्द हस्तक्षेप कर युवकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की मांग की है।

नव्य जागरण

पूरी खबर पढ़ें ऐप पर

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR कोड
ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करेंGET IT ON Google Play

अधूरा नहीं! पूरी खबर पढ़ें नव्य जागरण ऐप पर

ताजा खबरें, लोकल अपडेट और ब्रेकिंग अलर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाएं।

वेबसाइट पर ही पढ़ें