महराजगंज में खेलते-खेलते लापता हुए दो मासूम भाई: पानी भरे गड्ढे में मिली बॉडी, रातभर चला सर्च ऑपरेशन

महाराजगंज|07 मई 2026
पानी भरे गड्ढे में मिली बॉडी, रातभर चला सर्च ऑपरेशन

जिले के महलगंज में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। खेलते-खेलते अचानक लापता हुए दो सगे भाइयों की बॉडी देर रात पानी से भरे गहरे गड्ढे से बरामद की गई। दोनों मासूमों की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई, जबकि पूरे गांव में मातम का माहौल है।

हादसा कोतवाली थाना क्षेत्र के चेहरी इलाके में हुआ। मृत बच्चों की पहचान राज (पांच) और आयुष (चार) के रूप में हुई है। दोनों सगे भाई थे। जिला प्रशासन ने घटना पर दुख जताते हुए दोनों बच्चों के परिवार को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही मामले की जांच के लिए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट विजय यादव को नामित किया गया है।

काम पर गए थे माता-पिता

जानकारी के मुताबिक बच्चों के पिता डब्लू साहनी मूल रूप से कटहरा टोला के रहने वाले हैं। वह परिवार के साथ महलगंज में किराए के मकान में रहते थे। मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पति-पत्नी रोज की तरह काम पर गए थे। शाम करीब पांच बजे दोनों घर लौटे तो देखा कि उनके बेटे घर के पास ईंट भट्ठे के नजदीक खेल रहे हैं। बच्चों को देखकर उन्हें किसी अनहोनी का अंदेशा नहीं हुआ। लेकिन कुछ देर बाद जब दोनों बच्चे नजर नहीं आए तो परिवार वालों ने आसपास तलाश शुरू की। पहले लगा कि बच्चे मोहल्ले में कहीं खेल रहे होंगे। लेकिन काफी देर तक कोई जानकारी नहीं मिली तो परिवार घबरा गया।

रातभर चली तलाश

बच्चों के गायब होने की खबर फैलते ही आसपास के लोग भी तलाश में जुट गए। गांव और ईंट भट्ठे के आसपास घंटों खोजबीन की गई। देर रात तक जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सदर कोतवाली और पकड़ी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब रात 11 बजे ईंट भट्ठे के पास मौजूद एक गहरे पानी भरे गड्ढे में दोनों बच्चों की बॉडी दिखाई दी। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया और तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।

एक ही घर से उठीं दो अर्थियां

दोनों मासूम भाइयों की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां बदहवास हो गई। पिता की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। पूरे गांव में सन्नाटा फैल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि राज और आयुष बेहद चंचल स्वभाव के थे। दोनों हमेशा साथ खेलते थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि खेलते-खेलते दोनों हमेशा के लिए दुनिया छोड़ जाएंगे। सुबह जब दोनों बच्चों की बॉडी घर पहुंचे तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। एक ही घर से दो मासूम बेटों की अर्थी उठने का दृश्य बेहद दर्दनाक था।

पानी से भरे गड्ढे बने खतरा

घटना के बाद इलाके में ईंट भट्ठों और खुले गहरे गड्ढों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर पानी से भरे गड्ढे खुले पड़े रहते हैं, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए जाते। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर ऐसे स्थानों को घेरा गया होता या चेतावनी बोर्ड लगाए गए होते तो शायद यह हादसा टल सकता था। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक निर्भय सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों बच्चों की मौत पानी से भरे गड्ढे में गिरने से हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

प्रशासन ने घोषित की सहायता राशि, जांच के आदेश

घटना के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। प्रशासन ने मृतक बच्चों के परिवार को चार-चार लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही मामले की जांच के लिए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट विजय यादव को नामित किया गया है। जांच में यह देखा जाएगा कि हादसे के पीछे किसी तरह की लापरवाही तो नहीं थी।

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