बॉर्डर में घुसकर युवक को ले गई नेपाली पुलिस: सोनौली बॉर्डर पर हंगामा, जबरन ले जाने का आरोप

महराजगंज के सोनौली बॉर्डर पर बुधवार को एक ऐसी घटना सामने आई जिसने भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि नेपाली पुलिस के जवान भारतीय सीमा के अंदर घुस आए और एक युवक को जबरन पकड़कर अपने साथ नेपाल ले गए। यह मामला स्थानीय स्तर पर तेजी से चर्चा में है। लोगों में नाराजगी भी साफ देखी जा रही है। घटना ने सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि एक संदिग्ध युवक नेपाल से भागकर भारतीय सीमा में आ गया था। वह सोनौली क्षेत्र के अंदर मौजूद था। इसी दौरान नेपाली पुलिस के जवान उसका पीछा करते हुए भारतीय क्षेत्र में दाखिल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नेपाली पुलिस करीब 300 मीटर तक भारतीय सीमा के अंदर आ गई थी। यह अपने आप में गंभीर मामला माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने युवक को पकड़ लिया। इसके बाद उसे जबरन नेपाल की ओर ले जाया गया। इस पूरी घटना के दौरान किसी तरह का आधिकारिक समन्वय नजर नहीं आया। न ही भारतीय एजेंसियों की अनुमति ली गई।
युवक को घसीटते हुए ले जाने का दावा
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू युवक के साथ किया गया व्यवहार बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नेपाली पुलिस का एक जवान युवक का हाथ पकड़े हुए था। वहीं दूसरा जवान उसके दोनों पैर पकड़कर उसे घसीट रहा था। युवक को सड़क पर खींचते हुए ले जाया गया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को हैरान कर गया। लोगों ने बताया कि युवक विरोध कर रहा था। लेकिन पुलिसकर्मी उसे जबरन ले गए। इस दौरान वहां मौजूद भारतीय सुरक्षा कर्मी कुछ नहीं कर पाए। यही बात अब सबसे ज्यादा चर्चा में है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल
घटना के समय सीमा पर भारतीय सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। इसके बावजूद कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ। इसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर विदेशी पुलिस भारतीय सीमा में घुसकर इस तरह कार्रवाई कर सकती है, तो सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा कैसे किया जाए। कई लोगों ने इसे बड़ी चूक बताया है। उनका कहना है कि सीमा पर सख्त निगरानी होनी चाहिए। ऐसी घटनाएं देश की संप्रभुता से जुड़ी होती हैं। इसलिए इन पर तुरंत कार्रवाई जरूरी है।
विशेषज्ञों ने उठाए कानूनी सवाल
सीमा मामलों के जानकारों का कहना है कि किसी भी देश की पुलिस को दूसरे देश के क्षेत्र में इस तरह प्रवेश करने का अधिकार नहीं होता। इसके लिए तय नियम होते हैं। दोनों देशों के बीच समन्वय जरूरी होता है। बिना अनुमति ऐसी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन मानी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई संदिग्ध सीमा पार करता है तो संबंधित एजेंसियों के बीच सूचना साझा की जाती है। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई होती है। सीधे घुसकर किसी को पकड़ना सही प्रक्रिया नहीं है।
पुलिस का बयान और जांच शुरू
इस मामले में सोनौली थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा ने कहा है कि घटना की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी तथ्यों को जुटाया जा रहा है। जो भी सच्चाई सामने आएगी, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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