गीडा में बनेगा 100 बेड का ESIC अस्पताल: रियायती दर पर जमीन आवंटन का प्रस्ताव मंजूर, गंभीर बीमारियों के लिए अब नहीं जाना होगा बाहर

गोरखपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा जल्द बढ़ने वाला है। प्रदेश कैबिनेट ने गीडा सेक्टर-9 में 100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल के निर्माण हेतु रियायती दर पर भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अस्पताल बनने के बाद गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कर्मचारियों को दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सेक्टर-9 स्थित संस्थागत क्षेत्र में ईएसआईसी अस्पताल के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। अस्पताल के लिए भूखंड संख्या एएल-7, जिसका क्षेत्रफल 5.249 एकड़ (21427 वर्गमीटर) है, उपलब्ध कराया जाएगा। इस भूमि का आवंटन मौजूदा 8720 रुपये प्रति वर्गमीटर की टेलिस्कोपिक दर के बजाय रियायती 2000 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से किया जाएगा।
कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी राहत
वर्तमान में ईएसआईसी में पंजीकृत कर्मचारियों और उनके परिजनों को गोरखपुर में जिला अस्पताल तथा गीडा स्थित ईएसआईसी डिस्पेंसरी में सामान्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें वाराणसी या अन्य शहरों के अस्पतालों में रेफर किया जाता है। नए अस्पताल के निर्माण के बाद ऐसी परिस्थितियों में स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज उपलब्ध हो सकेगा। इससे समय और आर्थिक दोनों स्तर पर राहत मिलेगी।
रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा
प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि पूर्वांचल के औद्योगिक विकास को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गीडा क्षेत्र में 100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल की स्थापना का निर्णय लिया था। अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के साथ यह परियोजना आगे बढ़ेगी। उनके अनुसार अस्पताल शुरू होने से बड़ी संख्या में कर्मचारियों और उनके परिवारों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे क्षेत्र के औद्योगिक और सामाजिक विकास को मजबूती मिलेगी।
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