रायबरेली में ‘देसी वाटर पार्क’ बना जानलेवा रोमांच का अड्डा: गहरे पानी में स्टंट कर रहे युवक, रील्स के लिए उठा रहे मौत का जोखिम

उत्तरप्रदेश|19 मई 2026
गहरे पानी में स्टंट कर रहे युवक, रील्स के लिए उठा रहे मौत का जोखिम

महराजगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित कुबना गांव के पास नदी किनारे बना अस्थाई ‘देसी वाटर पार्क’ इन दिनों युवाओं के बीच रोमांच का नया केंद्र बन गया है। लेकिन यह रोमांच अब गंभीर खतरे का रूप लेता दिखाई दे रहा है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में युवक नदी के गहरे पानी में उतरकर खतरनाक स्टंट कर रहे हैं। कोई ऊंचाई से छलांग लगा रहा है तो कोई तेज बहाव के बीच वीडियो और रील बनाने में जुटा है। इन गतिविधियों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे अन्य युवा भी प्रभावित होकर यहां पहुंच रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि मौके पर सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम मौजूद नहीं है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक प्रतिदिन सैकड़ों युवक नदी किनारे पहुंच रहे हैं। कई युवक ऐसे भी हैं जिन्हें तैरना ठीक से नहीं आता। सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने और दोस्तों के बीच रोमांच दिखाने के लिए वे गहरे पानी में छलांग लगाने से पीछे नहीं हट रहे। युवक नदी के खतरनाक हिस्सों में स्टंट कर रहे हैं, जहां पानी का बहाव तेज है और गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल है। इसके बावजूद न तो वहां कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही प्रशासन की ओर से किसी तरह की निगरानी की व्यवस्था की गई है।

हालिया हादसे के बाद भी नहीं टूटी लापरवाही

चौंकाने वाली बात यह है कि दो दिन पहले ही रायबरेली के बछरावां थाना क्षेत्र के एक युवक की नदी में डूबने से मौत हो चुकी है। युवक अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था। गहरे पानी में जाने के बाद वापस नहीं लौट सका। घंटों की तलाश के बाद उसकी बॉडी बरामद किया गई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद भी युवाओं में सतर्कता नहीं दिखाई दे रही है। स्थानीय लोग मानते हैं कि यदि समय रहते प्रशासन ने कदम नहीं उठाए, तो ऐसी घटनाएं दोबारा हो सकती हैं।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

कुबना गांव और आसपास के ग्रामीणों में इस पूरे मामले को लेकर गहरी चिंता है। ग्रामीणों का कहना है कि छुट्टी के दिनों में यहां युवाओं की भीड़ और ज्यादा बढ़ जाती है। कई बार नाबालिग बच्चे भी नदी में उतर जाते हैं, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, खतरनाक हिस्सों को चिन्हित किया जाए और पुलिस या स्थानीय प्रशासन की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से सतर्कता बरतना जरूरी है।

सोशल मीडिया की होड़ बना रही लापरवाह

सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाहत युवाओं को खतरनाक गतिविधियों की ओर धकेल रही है। नदी, पुल और ऊंचाई वाले स्थानों पर स्टंट करने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ अभिभावकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि वे युवाओं को इस तरह के जोखिम से दूर रखें। फिलहाल कुबना गांव का यह ‘देसी वाटर पार्क’ रोमांच से ज्यादा खतरे का केंद्र बनता जा रहा है, जहां एक छोटी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे में बदल सकती है।

नव्य जागरण

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