मुजफ्फरनगर में बारिश में ढहा कच्चा मकान: पिता समेत चार मासूमों की मौत, दो बच्चियां लड़ रहीं जिंदगी की जंग

जिले के फुगाना थाना क्षेत्र स्थित हबीबपुर गांव में लगातार बारिश के बीच एक कच्चा मकान ढहने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे में दबने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 60 वर्षीय इस्लामुद्दीन और उनके चार बच्चे शामिल हैं। वहीं, दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद गांव में भगदड़ मच गई। प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
हबीबपुर गांव निवासी इस्लामुद्दीन मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनका मकान मिट्टी, गारे और ईंटों से बना था तथा उसकी छत भी कच्ची थी। इस्लामुद्दीन घर के भीतर आराम कर रहे थे। उसी समय उनकी बेटियां रुखसार, रुकईया, समईया, अलसीबा और बेटे अहद व जीशान घर के अंदर मौजूद थे। पत्नी और दो बच्चे उस समय बाहर थे। इसी दौरान अचानक मकान की छत भरभराकर गिर गई और अंदर मौजूद सभी लोग मलबे में दब गए।
ग्रामीणों और पुलिस ने चलाया राहत अभियान
हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। सूचना पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीम भी पहुंच गई। बुलडोजर की मदद से मलबा हटाकर सात लोगों को बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों ने इस्लामुद्दीन, रुखसार, अलसीबा, अहद और जीशान को मृत घोषित कर दिया। रुकईया और समईया का इलाज जारी है। हादसे के बाद कुछ ही देर में जिलाधिकारी और एसएसपी सहित अन्य अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
बारिश को बताया हादसे की वजह
जानकारों का कहना है कि कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवारें और छत कमजोर हो गई थीं। तेज आवाज के साथ पूरा मकान ढह गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से जर्जर और कच्चे मकानों की पहचान कर उनमें रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने और पक्के आवास उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि क्षेत्र में बारिश के दौरान जलभराव भी गंभीर समस्या बन जाता है।
मृतकों के आश्रितों को मिलेगी आर्थिक सहायता
एसएसपी संजीव कुमार वर्मा ने बताया कि हादसे के समय परिवार के तीन सदस्य घर के बाहर थे। वहीं, सात लोग अंदर मौजूद थे। घायलों को तत्काल सीएचसी बुढ़ाना ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान पांच लोगों की मौत हो गई। इस्लामुद्दीन की पत्नी और दो बच्चे सुरक्षित हैं। घायल दोनों बच्चियों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। प्रशासन ने ग्राम प्रधानों को जर्जर मकानों की पहचान कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल बच्चियों का हाल जाना और चिकित्सकों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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