बलरामपुर में एमपीयू विश्वविद्यालय में भाषण प्रतियोगिता: 15 महाविद्यालयों से आये 72 प्रतिभागी, विकसित भारत की संकल्पना पर रखे अपने विचार

बलरामपुर में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में सेवा संकल्प अभियान के तहत अंतर-महाविद्यालयीय भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में देवीपाटन मंडल के 15 महाविद्यालयों से आए 72 प्रतिभागियों ने सेवा, युवा शक्ति, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत की संकल्पना पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य आज की युवा पीढ़ी के संकल्प, ऊर्जा और सहभागिता से पूरा होगा। उन्होंने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं को अपने सपनों के भारत और राष्ट्र निर्माण की दिशा में गंभीरता से विचार करना होगा। सेवा भाव भारतीय संस्कृति की प्रमुख विशेषता है और इसी भावना के साथ प्रत्येक नागरिक को विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भाषण जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता, विचार शक्ति और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता विकसित करती हैं।
तीन प्रतिभागी विश्वविद्यालय का करेंगे प्रतिनिधित्व
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने वक्तृत्व कौशल के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका को प्रभावी ढंग से सामने रखा। प्रतियोगिता के परिणाम में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के कुशाग्र सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोंडा की प्रीति देवी राव द्वितीय और किसान पीजी कॉलेज, बहराइच की अवंतिका मिश्रा तृतीय स्थान पर रहीं। एएनडी पीजी कॉलेज, बभनान की मानसी कैलाश नाथ पांडे को चतुर्थ तथा महिला महाविद्यालय, बहराइच की रोहिनी शुक्ला को पंचम स्थान मिला। चयनित पांचों प्रतिभागियों में से तीन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मंडल के उच्च अधिकारी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में एमएलके पीजी कॉलेज के बीएड विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के पूर्व डीन एवं आईक्यूएसी सेल के अंतरिम निदेशक डॉ. बीपी सिंह तथा महामना राजकीय महाविद्यालय, श्रावस्ती के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार गुप्त शामिल रहे। देवीपाटन मंडल के उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. पवन कुमार मौर्य विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।











