देवरिया में स्पीड ब्रेकर बनवाने को लेकर हुआ विवाद: RSS स्वयंसेवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या, गांव में भारी पुलिस बल तैनात

लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां अपने घर के सामने सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनवाने को लेकर हुए विवाद में आरएसएस स्वयंसेवक रामेश्वर तिवारी की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांव में इन दिनों पक्की सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। रामेश्वर तिवारी अपने घर के सामने वाहनों की रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए मिट्टी का ब्रेकर बनवा रहे थे। इसी बात को लेकर पड़ोस के कुछ लोगों ने इसका पुरजोर विरोध किया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों के साथ रामेश्वर पर हमला बोल दिया और उन्हें बेरहमी से पीटा, जिससे वह लहूलुहान होकर सड़क पर ही गिर पड़े।
अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम
घटना के तुरंत बाद आनन-फानन में परिजन गंभीर रूप से घायल रामेश्वर तिवारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार लेकर पहुंचे। वहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल देवरिया रेफर कर दिया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक के परिजनों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, परिजनों का कहना है कि रामेश्वर तिवारी को 19 सितंबर को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसके अगले ही दिन यानी 20 सितंबर को उन्होंने लार थाने की पुलिस को लिखित शिकायत देकर सुरक्षा की मांग की थी। परिजनों का आरोप है कि यदि पुलिस ने उस समय दी गई शिकायत पर प्रभावी कदम उठाए होते, तो आज रामेश्वर की जान बच सकती थी। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच करीब एक साल पहले भी मारपीट हुई थी, जिसकी पुलिस में शिकायत दर्ज थी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही देवरिया के पुलिस अधीक्षक और लार थाने की पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों से तहरीर ली जा रही है। आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं, जो लगातार दबिश दे रही हैं। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।










