अलीगढ़ में जौहर यूनिवर्सिटी पर सपा का प्रदर्शन: SHO ने पुतला दहन के दौरान निकाली सर्विस पिस्टल, 40 सपाइयों पर केस दर्ज

रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में अलीगढ़ कलेक्ट्रेट पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पीएम मोदी का पुतला जलाने की कोशिश के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की हुई। इसी दौरान सिविल लाइंस थाना प्रभारी ने सर्विस पिस्टल निकाल ली, जिसका वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।
अलीगढ़ कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर समाजवादी पार्टी ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण आदेश के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और रामपुर प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद डीएम के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन भेजकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और आदेश वापस लेने की मांग की। इसी बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाने का प्रयास किया। पुतला दहन रोकने के लिए पुलिस आगे बढ़ी तो दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। स्थिति तनावपूर्ण होने पर सिविल लाइंस थाना प्रभारी सतवीर सिंह ने सर्विस पिस्टल निकाल ली। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई।
सपा ने ध्वस्तीकरण आदेश वापस लेने की मांग की
सपा महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी ने कहा कि पार्टी रामपुर प्रशासन के ध्वस्तीकरण आदेश का विरोध करती है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगी। उनका आरोप है कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। यदि संस्थान के दस्तावेजों या व्यवस्थाओं में कोई कमी है तो उसे नियमानुसार पूरा कराया जा सकता है, लेकिन शिक्षण संस्थान को ध्वस्त करना उचित नहीं है।
सपा नेताओं ने दिया अल्टीमेटम
सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर रामपुर में भी प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की अपील की। प्रदर्शन में पार्टी के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि पुतला दहन रोकने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के साथ अभद्रता की और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। इस मामले में आठ नामजद समेत 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।
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