कुशीनगर के झरही नाले में डूबीं तीन बच्चियां: चारा लेने गई थीं सभी मासूम, एसडीआरएफ ने चलाया देर रात सर्च ऑपरेशन

पड़रौना क्षेत्र के बभनौली इलाके में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। छोटी दुबौली गांव की तीन बच्चियां झरही के बरसाती नाले में डूब गईं। इनमें दो सगी बहनें और उनकी चचेरी बहन शामिल हैं। घटना के बाद गांव में मातम छा गया। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और देर रात तक तलाश अभियान चलाया गया।
जानकारी के अनुसार, छोटी दुबौली गांव निवासी सपना चौहान, उसकी सगी बहन शिवानी चौहान तथा उनकी चचेरी बहन कुंजन चौहान घर से करीब 500 से 600 मीटर दूर झरही पुल के पास गई थीं। बताया जा रहा है कि तीनों चारा लेने निकली थीं। इसी दौरान एक बच्ची का संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में चली गई। उसे बचाने के प्रयास में दूसरी दोनों बच्चियां भी नाले में समा गईं।
छोटे भाई ने बचाने का किया प्रयास
घटना के समय सपना और शिवानी का छोटा भाई प्रियांशु भी साइकिल लेकर वहां मौजूद था। जानकारी के अनुसार, डूबते समय बच्चियों ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह उन्हें बचा नहीं सका। हालांकि प्रियांशु सुरक्षित बाहर निकल आया और घटना की जानकारी परिजनों को दी।
परिवार में मचा कोहराम
सपना और शिवानी के पिता शंभू चौहान टाइल लगाने का काम करते हैं। परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव के लोग भी बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जुट गए।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही एसडीएम राजीव निगम, तहसीलदार अभिषेक मिश्रा और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। सीओ खड्डा बी.के. सिंह और नेबुआ नौरंगिया थानाध्यक्ष संजय दुबे भी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से तलाश शुरू की गई।
एसडीआरएफ के पहुंचने में देरी पर नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि हादसा शाम करीब पांच बजे हुआ, लेकिन रात साढ़े सात बजे तक एसडीआरएफ टीम नहीं पहुंची थी। इसे लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई। बाद में रात करीब आठ बजे एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और प्रशासन के साथ संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
घटना की जानकारी मिलने पर पड़रौना सदर विधायक मनीष उर्फ मंटू जायसवाल भी घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और प्रशासन को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
एक-दूसरे को बचाने में चली गई जान की आशंका
परिजनों का कहना है कि तीनों बच्चियां एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में पानी में समा गईं। देर रात तक उनका पता नहीं चल सका था। इस दर्दनाक हादसे के बाद छोटी दुबौली गांव समेत पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है, जबकि प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम लगातार तलाश अभियान में जुटी रही।
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