नोएडा में एटीएस की बड़ी कार्रवाई: आईएसआई से जुड़े दो संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, वीआईपी घरों पर हमले की साजिश नाकाम

उत्तर प्रदेश एटीएस ने नोएडा में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुषार चौहान उर्फ हिजबुल्ला अली खान और समीर खान के रूप में हुई है। दोनों पर वीआईपी लोगों के घरों पर ग्रेनेड हमला करने की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस ने समय रहते साजिश को नाकाम कर दिया।
एटीएस ने आरोपियों के पास से हथियार भी बरामद किए हैं। इनमें 32 बोर की पिस्टल, पांच कारतूस और एक चाकू शामिल है। इसके अलावा दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। इन मोबाइल फोन में कई संदिग्ध चैट और कॉल डिटेल्स मिलने की आशंका है। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। इससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
पाकिस्तानी गैंगस्टरों से संपर्क
एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश ने बताया कि दोनों आरोपी पाकिस्तानी गैंगस्टरों और आईएसआई के संपर्क में थे। इनमें शहजाद भट्टी, आबिद जट जैसे नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन्हें संवेदनशील जगहों की रेकी करने का टास्क दिया गया था। साथ ही प्रभावशाली लोगों के घरों पर हैंड ग्रेनेड फेंकने का लक्ष्य भी दिया गया था।
स्लीपर सेल बनाने की भी तैयारी
जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी स्लीपर सेल तैयार कर रहे थे। वे अन्य युवाओं को अपने साथ जोड़ने की कोशिश में थे। आरोपियों को पहले 50 हजार रुपए और वारदात के बाद 2.5 लाख रुपए देने का लालच दिया गया था। पूरी साजिश को बड़े नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया के जरिए हुआ संपर्क
तुषार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर से संपर्क किया था। उसने फर्जी आईडी बनाकर बातचीत शुरू की। बाद में वॉइस कॉल, वीडियो कॉल और पुश-टू-टॉक ऐप के जरिए बातचीत होती रही। उसे दुबई के रास्ते पाकिस्तान ले जाने का भी लालच दिया गया था।
दीवारों पर लिखने और धमकी देने का टास्क
आरोपियों को “टीटीएच” (तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान) लिखने का टास्क भी दिया गया था। इसके जरिए माहौल खराब करने की साजिश थी। इसके अलावा कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए कुछ प्रभावशाली लोगों को जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। इन कॉल्स में विदेशी हैंडलर्स भी जुड़े रहते थे।
आईएसआई एजेंट्स से भी संपर्क
एटीएस सूत्रों के मुताबिक आरोपी आईएसआई के एजेंट्स से भी सीधे संपर्क में थे। इनमें मेजर हमीद, मेजर इकबाल और मेजर अनवर के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन्हीं के जरिए उन्हें हथियार और पैसा मुहैया कराया गया था। पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
आगे की कार्रवाई जारी
एटीएस अब दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। अदालत से अनुमति लेकर उनसे गहन पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हैं।
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