नोएडा हिंसा में बड़ा खुलासा: पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया अकाउंट्स से भड़काई गई अशांति, कई राज्यों से भी जुड़ी साजिश के संकेत

नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में 13 अप्रैल को हुई हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, इस हिंसा को भड़काने में पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल किया गया। मामले में दो संदिग्ध एक्स (ट्विटर) हैंडल के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने ‘प्राउड इंडियन’ और ‘मीर इलयाज इंक’ नाम के दो एक्स हैंडल्स को चिन्हित किया है, जिनके जरिए हिंसा के दौरान भड़काऊ पोस्ट किए गए। जांच में सामने आया है कि ये अकाउंट पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे थे। सेक्टर-20 थाने में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 13 अप्रैल को दोपहर के समय जब हिंसा चरम पर थी, उसी दौरान इन हैंडल्स से लगातार पोस्ट किए गए, जिससे भीड़ और उग्र हो गई। कुछ घंटों तक चले इस घटनाक्रम में स्थिति और बिगड़ती चली गई।
बाहरी तत्वों और संगठनों की भूमिका
जांच में यह भी सामने आया है कि हिंसा में बाहरी तत्वों की अहम भूमिका रही। अब तक 60 से अधिक मुख्य आरोपितों समेत करीब 500 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस को कुछ राजनीतिक संगठनों और तथाकथित अर्बन नक्सल समूहों की संलिप्तता के संकेत भी मिले हैं।
तेलंगाना-कर्नाटक से भी जुड़ी डिजिटल कड़ी
हिंसा की शुरुआत वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुई, लेकिन जांच में पता चला कि व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए तेलंगाना और कर्नाटक से भी लोगों को भड़काया गया। एसटीएफ 500 से ज्यादा वीडियो और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है, जिससे साजिश की परतें खुल रही हैं।
संगठन विशेष की भूमिका पर शिकंजा
पुलिस ने ‘मजदूर बिगुल दस्ता’ संगठन के प्रमुख रूपेश राय समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि संगठन के लोग फैक्ट्री इलाकों में जाकर श्रमिकों को भड़काने का काम कर रहे थे।
प्रशासन का सख्त एक्शन, स्थिति नियंत्रण में
हिंसा के बाद प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए कई थानों में मुकदमे दर्ज किए हैं। अब तक 600 के करीब लोगों को हिरासत में लिया गया है। जिलाधिकारी और पुलिस अधिकारियों ने औद्योगिक क्षेत्रों और श्रमिक बस्तियों में शांति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी और संवाद किया।
धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहा कामकाज
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब स्थिति नियंत्रण में है और करीब 70 फीसदी उद्योगों में कामकाज फिर से शुरू हो गया है। अधिकारियों ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
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