कोलकाता में ममता से मिले अखिलेश: बोले- ‘दीदी आप लड़ी हैं, हारी नहीं’, बंगाल चुनाव के बाद बढ़ी सियासी हलचल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को ममता बनर्जी से मिलने कोलकाता पहुंचे। यह मुलाकात ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर हुई। बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई इस बैठक ने राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। खास बात यह रही कि मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी साफ दिखाई दी। तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी ने गेट पर पहुंचते ही अखिलेश यादव को गले लगाया, जबकि खुद ममता बनर्जी भी उन्हें रिसीव करने बाहर आईं।
इस मुलाकात को सिर्फ शिष्टाचार भेंट नहीं माना जा रहा। राजनीतिक गलियारों में इसे विपक्षी एकजुटता और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की संभावित रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। बंगाल चुनाव में प्रचार से दूरी बनाए रखने के बावजूद अखिलेश लगातार सोशल मीडिया के जरिए ममता का समर्थन करते रहे थे।
शॉल ओढ़ाते समय बोले- ‘दीदी, आप हारी नहीं हैं’
मुलाकात के दौरान एक भावनात्मक पल भी देखने को मिला। अखिलेश यादव अपने साथ एक शॉल लेकर पहुंचे थे। जैसे ही उन्होंने ममता बनर्जी को शॉल ओढ़ाने की कोशिश की, ममता ने मुस्कुराते हुए कहा, “इसकी क्या जरूरत थी?” इस पर अखिलेश ने जवाब दिया, “दीदी, आप लड़ी हैं… आप हारी नहीं हैं।” उन्होंने यह बात लगातार तीन बार दोहराई। इस दौरान वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं के चेहरे पर भी मुस्कान दिखाई दी। इसके बाद ममता बनर्जी ने उन्हें अंदर आने के लिए कहा। अखिलेश यादव ने कमरे के बाहर ही अपने जूते उतारे और फिर बैठक के लिए अंदर गए। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत चली। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
TMC ने सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरें
इस मुलाकात के बाद तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें और संदेश साझा किया। पार्टी ने लिखा कि कुछ रिश्ते राजनीति और समय से कहीं ऊपर होते हैं और हर दौर के साथ और मजबूत होते जाते हैं। इस पोस्ट को राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। टीएमसी नेताओं का मानना है कि विपक्षी दलों के बीच संवाद और तालमेल लगातार मजबूत हो रहा है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मुलाकात भविष्य की राजनीति में बड़े समीकरणों का संकेत हो सकती है।
भाजपा ने साधा निशाना
इस हाईप्रोफाइल मुलाकात पर भारतीय जनता पार्टी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। यूपी भाजपा ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, “ना-उमीदी बढ़ गई है इस कदर, पंचर साइकिल लिए भटक रहे दर-ब-दर…” भाजपा नेताओं ने इसे विपक्ष की राजनीतिक बेचैनी बताया। भाजपा का कहना है कि विपक्षी दल जनता का विश्वास खो चुके हैं और अब सिर्फ गठबंधन की राजनीति के सहारे खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, सपा और टीएमसी की ओर से भाजपा के इस तंज पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
कोलकाता पहुंचने पर अखिलेश यादव का स्वागत टीएमसी सांसद Derek O'Brien ने किया। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में अखिलेश ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा की आंखों में ममता बनर्जी इसलिए खटकती हैं क्योंकि वह आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं। अखिलेश ने कहा कि भाजपा की सोच सामंती और पुरुषवादी है। वह महिलाओं को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहती। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में महिला नेतृत्व लगातार मजबूत हो रहा है और भाजपा इससे असहज महसूस करती है।
चार महीने में दूसरी मुलाकात
इससे पहले भी जनवरी में अखिलेश यादव और ममता बनर्जी की मुलाकात हुई थी। 27 जनवरी को हुई बैठक को INDIA गठबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया था। अब चार महीने के भीतर दूसरी मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच नए समीकरण बन सकते हैं। सपा और टीएमसी दोनों भाजपा विरोधी राजनीति का बड़ा चेहरा मानी जाती हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की नजदीकियां आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति को नई दिशा दे सकती हैं।
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