फालता में रीपोलिंग के बाद काउंटिंग शुरू: TMC उम्मीदवार पीछे हटे, 2011 से इस सीट पर अजेय रही है TMC

कोलकाता|2 घंटे पहले
TMC उम्मीदवार पीछे हटे, 2011 से इस सीट पर अजेय रही है TMC

पश्चिम बंगाल की चर्चित फालता विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान के बाद अब मतगणना शुरू हो गई है। साउथ 24 परगना जिले की इस हाई-प्रोफाइल सीट पर सुबह से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती जारी है। निर्वाचन आयोग के अनुसार फालता के सभी 285 बूथों पर 21 मई को रीपोलिंग कराया गया था, जिसमें रिकॉर्ड 88.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इससे पहले 29 अप्रैल को हुए मूल मतदान में 86.71 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। रीपोलिंग में मतदान प्रतिशत बढ़ने को राजनीतिक विश्लेषक जनता की बढ़ी हुई दिलचस्पी और विवादों के बाद मतदाताओं की सक्रियता के रूप में देख रहे हैं। फिलहाल पूरे राज्य की निगाहें फालता सीट के परिणाम पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यहां का चुनाव केवल स्थानीय मुकाबला नहीं बल्कि बंगाल की व्यापक राजनीतिक दिशा का संकेत भी माना जा रहा है।

फालता सीट पर मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ टीएमसी और बीजेपी के बीच माना जा रहा है। हालांकि चुनावी समीकरण उस समय अचानक बदल गए, जब तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने मतदान से कुछ दिन पहले सार्वजनिक रूप से चुनाव से पीछे हटने की घोषणा कर दी। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। हालांकि पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि यह जहांगीर खान का व्यक्तिगत फैसला है और पार्टी की आधिकारिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिलचस्प बात यह रही कि उम्मीदवार की ओर से निर्वाचन आयोग को कोई लिखित सूचना नहीं दी गई, जिसके कारण रीपोलिंग के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर उनका नाम और चुनाव चिह्न बना रहा। इस घटनाक्रम ने मतदाताओं के बीच भी भ्रम की स्थिति पैदा की और विपक्ष ने इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा।

ईवीएम विवाद के बाद रीपोलिंग

फालता सीट पर दोबारा मतदान कराने का फैसला चुनाव आयोग ने गंभीर शिकायतों के बाद लिया था। 29 अप्रैल को मतदान के दिन कई बूथों से ईवीएम में कथित छेड़छाड़ की शिकायतें सामने आई थीं। आरोप लगाया गया था कि भाजपा के चुनाव चिह्न पर टेप चिपकाया गया था, जिससे मतदाताओं को वोट डालने में दिक्कत हो रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन ऑब्जर्वर सुब्रत गुप्ता ने स्वयं क्षेत्र का दौरा किया और जांच कराई। जांच में करीब 60 बूथों पर गड़बड़ी के संकेत मिले। इसके अलावा कुछ मतदान केंद्रों पर लगे वेब कैमरों की फुटेज के साथ भी कथित तौर पर छेड़छाड़ करने की कोशिश सामने आई। इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया था।

पहली जीत पर भाजपा की नजर

फालता विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास भी बेहद दिलचस्प रहा है। कभी यह सीट सीपीआई का मजबूत गढ़ मानी जाती थी, लेकिन पिछले एक दशक में यहां तृणमूल कांग्रेस ने मजबूत पकड़ बना ली है। 2011 से लगातार इस सीट पर टीएमसी जीत दर्ज करती आ रही है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भी तृणमूल उम्मीदवार ने लगभग 40 हजार वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की थी। दूसरी ओर भाजपा अब तक इस सीट पर जीत का स्वाद नहीं चख सकी है, हालांकि साउथ 24 परगना जिले में पार्टी ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय बढ़त बनाई है। जिले की 31 सीटों में भाजपा 10 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है, जिससे इस बार फालता का मुकाबला और अधिक रोमांचक हो गया है।

नव्य जागरण

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