फरीदाबाद की जूता फैक्ट्री में भीषण आग: 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू, शॉर्ट सर्किट से हादसे की आशंका

1 घंटा पहले
4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू, शॉर्ट सर्किट से हादसे की आशंका

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के मेवला महाराजपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक जूता निर्माण कंपनी के गोदाम में गुरुवार सुबह भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस प्रशासन और स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंच गए। करीब चार घंटे तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। हालांकि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। लेकिन गोदाम में रखा जूतों का बड़ा स्टॉक और अन्य सामान जलकर राख हो गया।

प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह गोदाम के पीछे बने बिजली के कंट्रोल पैनल में शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि कंट्रोल पैनल में अचानक तकनीकी खराबी आने के बाद चिंगारी निकली। जिसने आसपास रखे ज्वलनशील सामान को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गोदाम के भीतर रखे हजारों जूतों के डिब्बों तक पहुंच गई। पैकिंग सामग्री और अन्य सामान के कारण आग तेजी से फैलती चली गई।

एक किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया धुएं का गुबार

आग लगने के बाद गोदाम से उठता घना काला धुआं करीब एक किलोमीटर दूर से साफ दिखाई दे रहा था। स्थानीय लोगों और कंपनी कर्मचारियों ने जब धुएं का गुबार देखा तो तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। जानकारी के अनुसार आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठ रही थीं, जिससे आसपास के औद्योगिक प्रतिष्ठानों में भी चिंता का माहौल बन गया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।

दमकल कर्मियों ने संभाला मोर्चा

सूचना मिलने के लगभग 15 मिनट बाद सेक्टर-31 फायर स्टेशन से चार दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। आग की भयावहता को देखते हुए अतिरिक्त संसाधन भी बुलाए गए। दमकल कर्मियों ने लगातार चार घंटे तक पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका। अंततः उस पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया। राहत की बात यह रही कि आग आसपास की अन्य फैक्ट्रियों तक नहीं पहुंच सकी। इससे एक बड़ा औद्योगिक हादसा टल गया।

समय रहते टली बड़ी जनहानि

घटना के समय कंपनी में नियमित कार्य शुरू नहीं हुआ था। बताया गया कि कंपनी में सुबह आठ बजे के बाद कर्मचारी पहुंचना शुरू करते हैं। जबकि आग सुबह सात बजे के आसपास लगी। इसी कारण अधिकांश कर्मचारी परिसर के बाहर ही रहे और उन्हें सुरक्षा कारणों से मुख्य गेट पर रोक दिया गया। कंपनी में लगभग 300 से अधिक महिला और पुरुष कर्मचारी कार्यरत हैं। यदि आग कार्य अवधि के दौरान लगती तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।

नुकसान का आकलन और जांच जारी

सेक्टर-31 थाना प्रभारी दिलबाग सिंह ने बताया कि हादसे में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग में गोदाम में रखा जूतों का तैयार स्टॉक, पैकिंग सामग्री और अन्य सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है। वहीं, फायर विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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