21 जून को होगा NEET-UG रीएग्जाम: दोबारा नहीं करना होगा आवेदन, अब तक सात आरोपी अरेस्ट

15 मई 2026
दोबारा नहीं करना होगा आवेदन, अब तक सात आरोपी अरेस्ट

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नई परीक्षा तारीख घोषित की। अब NEET-UG रीएग्जाम 21 जून को आयोजित होगा। यह फैसला केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद लिया गया। NTA ने शुक्रवार को आधिकारिक सूचना जारी की। देशभर के लाखों छात्रों को इससे राहत मिली। पहले यह परीक्षा तीन मई को हुई थी। उस परीक्षा में 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे। पेपर लीक के आरोपों के बाद विवाद बढ़ गया। लगातार विरोध प्रदर्शन और जांच की मांग उठी। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई।

NTA ने छात्रों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया। रीएग्जाम के लिए नया फॉर्म भरना नहीं पड़ेगा। छात्रों से कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।

पहले जमा की गई फीस वापस कर दी जाएगी। एग्जाम सेंटर भी पुराने ही बनाए रखे जाएंगे। इससे छात्रों को यात्रा संबंधी परेशानी नहीं होगी। NTA जल्द नए एडमिट कार्ड जारी करेगा। एजेंसी ने इसकी जानकारी X पोस्ट में दी। नई परीक्षा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गईं।

हाईलेवल मीटिंग में बना रीएग्जाम का प्लान

पेपर लीक विवाद के बाद सरकार सक्रिय हुई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बैठक बुलाई। गुरुवार को उनके आवास पर हाईलेवल मीटिंग हुई। बैठक में कई सीनियर अफसर मौजूद रहे थे। परीक्षा दोबारा कराने पर विस्तार से चर्चा हुई। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। सरकार परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी बनाने का दावा कर रही।

देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी

पेपर लीक मामले पर छात्रों में भारी नाराजगी दिखी। कई शहरों में प्रदर्शन और नारेबाजी हुई थी। अहमदाबाद में NSUI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री को काले झंडे दिखाए। काफिला रोकने की भी कोशिश की गई थी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

CBI जांच में सात गिरफ्तारियां

पेपर लीक मामले की जांच अब CBI कर रही। एजेंसी ने अब तक सात आरोपियों को पकड़ा। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। पांच आरोपियों को सात दिन की कस्टडी मिली। राजस्थान और हरियाणा से कई गिरफ्तारी हुई हैं। सीकर के मांगी लाल बिंवाल को पकड़ा गया। दिनेश बिंवाल और विकास बिंवाल भी गिरफ्तार हुए। गुरुग्राम निवासी यश यादव को भी पकड़ा गया। नासिक के शुभम खैरनार की गिरफ्तारी हुई है। CBI के मुताबिक शुभम ने पेपर उपलब्ध कराया था।

मेडिकल एडमिशन के नाम पर ठगी

पेपर लीक विवाद के बीच बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया। दिल्ली पुलिस ने संगठित गिरोह का खुलासा किया। गिरोह मेडिकल एडमिशन का झांसा देकर ठगी करता था। अभ्यर्थियों और परिवारों से लाखों रुपए वसूले जाते। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में एक डॉक्टर भी शामिल है। राजद नेता संतोष कुमार जायसवाल भी पकड़े गए। पुलिस के अनुसार वही पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड था। वह मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने का दावा करता। एक सीट के बदले 20 से 30 लाख मांगे जाते। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही।

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