हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद मेदांता शिफ्ट होंगे सोनम वांगचुक: 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस लेकर गई थी अस्पताल, दोबारा धरनास्थल पहुंचे समर्थक

10 घंटे पहले
18 जुलाई को दिल्ली पुलिस लेकर गई थी अस्पताल, दोबारा धरनास्थल पहुंचे समर्थक

दिल्ली हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति दे दी है। अदालत ने निर्देश दिया कि वांगचुक को तत्काल मेदांता भेजा जाए और सफदरजंग अस्पताल उनके इलाज से जुड़े सभी मेडिकल रिकॉर्ड मेदांता प्रशासन को उपलब्ध कराए। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि मेदांता अस्पताल के निदेशक विशेषज्ञ डॉक्टरों का एक पैनल गठित करें, जो वांगचुक के आगे के इलाज और स्वास्थ्य निगरानी की जिम्मेदारी संभालेगा। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस 18 जुलाई को उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी।

संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर खाली कराए जाने के कुछ घंटे बाद ही कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थक दोबारा धरनास्थल पर लौट आए। देर रात तक प्रदर्शनकारियों ने फिर मंच तैयार किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने मंगलवार को भी संसद मार्च करने का ऐलान करते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा और प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे। सोमवार शाम करीब पांच बजे पुलिस ने जंतर-मंतर खाली करा दिया था। लेकिन लगभग छह घंटे बाद अभिजीत दीपके अपने समर्थकों के साथ दोबारा धरनास्थल पहुंच गए। रात 11 बजे तक बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्र हो गए और प्रदर्शन फिर शुरू हो गया। दीपके ने कहा कि उनकी तीन प्रमुख मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा और आज फिर संसद की ओर मार्च किया जाएगा।

सोमवार को दिनभर चला प्रदर्शन

सोमवार को सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए मार्च के दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। बताया गया कि पिछले 14 वर्षों में पहली बार प्रदर्शनकारियों की भीड़ संसद के मुख्य द्वार तक पहुंची। इससे पहले वर्ष 2012 में निर्भया कांड के विरोध प्रदर्शन के दौरान इस इलाके में बड़े स्तर पर आंदोलन हुआ था।

बातचीत, अनशन और अदालत की सुनवाई

दिनभर के घटनाक्रम में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत भी हुई। नड्डा ने कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया। वहीं, प्रतिनिधिमंडल ने अपनी तीन मांगें उनके सामने रखीं। इसी दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच भी लंबी बैठक हुई। हालांकि बैठक के विषय की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। उनके साथ 22 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे तीन अन्य छात्रों ने भी उपवास खत्म किया। हालांकि सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करने से इनकार करते हुए पुलिस कार्रवाई को बर्बर बताया। उनकी पत्नी गीतांजलि अंग्मो की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य रिपोर्ट तलब की है और मामले में आज फिर सुनवाई होगी। नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा के अनुसार, झड़पों में 90 से 100 पुलिसकर्मी और 50 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए।

नव्य जागरण

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