सोनम वांगचुक के अनशन पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई: अस्पताल में भर्ती करने की मांग, जरूरत पड़ने पर फोर्स-फीडिंग की दी जाए अनुमति

2 घंटे पहले
अस्पताल में भर्ती करने की मांग, जरूरत पड़ने पर फोर्स-फीडिंग की दी जाए अनुमति

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का गुरुवार को 19वां दिन है। उनकी लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वांगचुक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जाए और चिकित्सकीय आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जबरन पोषण (फोर्स-फीडिंग) उपलब्ध कराया जाए। बताया गया है कि 18 दिनों के अनशन के दौरान उनका वजन 8.9 किलोग्राम तक कम हो चुका है।

सोनम वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन में शामिल हैं। वे नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आंदोलन के दौरान उनकी सेहत लगातार गिरने की बात सामने आने के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा है।

सरकारी जवाब का इंतजार

दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ बुधवार को सरकारी पक्ष की अनुपस्थिति के कारण मामले की सुनवाई नहीं कर सकी थी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे गुरुवार के लिए सूचीबद्ध किया और केंद्र व दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है।

याचिका में तत्काल इलाज की मांग

याचिकाकर्ता राकेश कुमार सैनी ने अदालत में कहा है कि यदि भूख हड़ताल जारी रही तो वांगचुक के जीवन पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने अदालत से वांगचुक को तत्काल आपात चिकित्सा, जीवनरक्षक उपचार और आवश्यक पोषण उपलब्ध कराने के निर्देश देने की मांग की है। याचिका में यह भी कहा गया है कि सरकार आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत शुरू करे तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह के अनुसार फोर्स-फीडिंग की अनुमति दी जाए।

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