केप वर्डे ने उरुग्वे को ड्रॉ पर रोका: 92 साल बाद वर्ल्ड कप में मिस्र ने दर्ज की पहली जीत, 4 अंकों के साथ मिस्र ग्रुप टॉपर

2 घंटे पहले
92 साल बाद वर्ल्ड कप में मिस्र ने दर्ज की पहली जीत, 4 अंकों के साथ मिस्र ग्रुप टॉपर

फीफा विश्व कप 2026 में सोमवार को ग्रुप G और ग्रुप H के मुकाबलों ने नॉकआउट चरण की तस्वीर को और रोचक बना दिया। ग्रुप H में केप वर्डे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे को 2-2 की बराबरी पर रोककर बड़ा उलटफेर किया। वहीं, ग्रुप G में मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर विश्व कप इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज की। इसके अलावा बेल्जियम और ईरान के बीच खेला गया मुकाबला गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ।

मियामी में खेले गए मुकाबले में केप वर्डे ने पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी की। केप वर्डे ने उरुग्वे से एक अंक हासिल किया। मैच के 34वें मिनट में केविन पिना ने 34 यार्ड की शानदार फ्री-किक को गोल में बदलकर केप वर्डे को बढ़त दिलाई। हालांकि, हाफ टाइम से पहले मैक्सी अराउजो और ऑगस्टिन कैनोबियो के गोल की बदौलत उरुग्वे ने 2-1 की बढ़त बना ली। दूसरे हाफ में उरुग्वे की रक्षापंक्ति की एक गलती का फायदा उठाते हुए वरेला ने बराबरी का गोल दाग दिया। इसके बाद उरुग्वे ने जीत के लिए लगातार दबाव बनाया। लेकिन पिको लोप्स और सिडनी लोप्स कैबरल की अगुआई में केप वर्डे के डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला 2-2 से ड्रॉ करा दिया। इस परिणाम के बाद ग्रुप H में स्पेन चार अंकों के साथ शीर्ष पर है। वहीं, उरुग्वे और केप वर्डे के खाते में दो-दो अंक हैं।

बेल्जियम और ईरान के बीच नहीं निकला नतीजा

लॉस एंजिल्स में खेले गए ग्रुप G के मुकाबले में बेल्जियम और ईरान की टीमें गोल करने में नाकाम रहीं और मैच 0-0 से समाप्त हुआ। दोनों टीमों की यह टूर्नामेंट में लगातार दूसरी बराबरी रही। बेल्जियम के स्टार स्ट्राइकर रोमेलु लुकाकू ने करीब एक वर्ष बाद शुरुआती एकादश में वापसी की। लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। ईरान का एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिया गया। वहीं, 66वें मिनट में बेल्जियम को बड़ा झटका तब लगा जब सेंटर-बैक नाथन नगोय को रेड कार्ड दिखाया गया। इसके बावजूद ईरान अतिरिक्त खिलाड़ी का लाभ नहीं उठा सका और मुकाबला गोलरहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ। मैच के बाद बेल्जियम के कोच रूडी गार्सिया ने कहा कि उनकी टीम ने कई अवसर बनाए। लेकिन फिनिशिंग में कमी के कारण जीत हाथ से निकल गई।

92 साल बाद मिस्र ने रचा इतिहास

ग्रुप G के एक अन्य मुकाबले में मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर इतिहास रच दिया। वर्ष 1934 में विश्व कप में पदार्पण करने वाली मिस्र की टीम ने 92 साल बाद टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस जीत के साथ मिस्र चार अंकों के साथ ग्रुप G में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। मिस्र की जीत के नायक कप्तान मोहम्मद सालाह रहे। जिन्होंने एक गोल दागने के साथ एक गोल में असिस्ट भी किया। वहीं, मुस्तफा जीको ने भी एक गोल और एक असिस्ट के साथ टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई। दोनों खिलाड़ियों की बेहतरीन साझेदारी के सामने न्यूजीलैंड का डिफेंस संघर्ष करता नजर आया। हालांकि हार के बावजूद न्यूजीलैंड की नॉकआउट दौर में पहुंचने की उम्मीदें बरकरार हैं। टीम के लिए अब अंतिम ग्रुप मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण होगा। वहीं, ग्रुप G में मिस्र की स्थिति मजबूत हो गई है। टीम राउंड ऑफ-16 में जगह बनाने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है।

नव्य जागरण

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