कैपसे-नाइट की तूफानी पार्टनरशिप: इंग्लैंड ने भारत को छह विकेट से हराया, 2-1 से अपने नाम की टी-20 सीरीज

इंग्लैंड महिला क्रिकेट टीम ने तीसरे और निर्णायक टी-20 इंटनेशनल मुकाबले में भारत को छह विकेट से पराजित कर दिया। तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से अपने नाम कर ली। रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम द्वारा दिए गए 181 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड ने एलिस कैपसे और कप्तान हीथर नाइट की शानदार बल्लेबाजी के दम पर जीत हासिल कर ली। दोनों खिलाड़ियों ने दबाव की स्थिति में चौथे विकेट के लिए 137 रन की मैच विजयी साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह बेअसर कर दिया। यह टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट में इंग्लैंड महिला टीम का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज भी साबित हुआ।
महिला टी-20 विश्व कप से पहले दोनों टीमों के लिए यह आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला था। ऐसे में इस जीत ने इंग्लैंड के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दी है। जबकि भारतीय टीम को टूर्नामेंट से पहले अपनी कमजोरियों पर काम करने का अवसर मिलेगा।
शुरुआती झटकों के बाद संभली इंग्लैंड की पारी
181 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने वापसी की। क्रांति ने अनुभवी बल्लेबाज डैनी व्याट-हॉज को बोल्ड कर इंग्लैंड को पहला झटका दिया। इसके बाद सोफिया डंकली और एमी जोन्स भी बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। महज 38 रन के स्कोर पर तीन विकेट गिर जाने से इंग्लैंड दबाव में नजर आ रहा था। भारतीय टीम मैच पर पकड़ बनाती दिख रही थी।
कप्तान ने संभाली जिम्मेदारी
हालांकि इसके बाद एलिस कैपसे और कप्तान हीथर नाइट ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाज हाल के मैचों में फॉर्म को लेकर सवालों के घेरे में थीं। लेकिन निर्णायक मुकाबले में उन्होंने शानदार जवाब दिया। कैपसे ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए केवल 27 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और 43 गेंदों पर 82 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में कई आकर्षक चौके और छक्के शामिल रहे। दूसरी ओर कप्तान हीथर नाइट ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 42 गेंदों पर नाबाद 70 रन बनाए। दोनों के बीच 76 गेंदों में 137 रन की साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। इंग्लैंड को शानदार जीत दिला दी।
हरमनप्रीत और दीप्ति ने भारत को दिलाई मजबूत शुरुआत
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना जल्दी पवेलियन लौट गईं। हालांकि यास्तिका भाटिया और जेमिमा रोड्रिग्स ने पारी को संभालते हुए रन गति बनाए रखी। यास्तिका ने 32 और जेमिमा ने 29 रन का योगदान दिया। तीसरा विकेट गिरने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। हरमनप्रीत ने जेमिमा के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। बाद में दीप्ति शर्मा के साथ 67 रन जोड़कर पारी को मजबूती दी। कप्तान ने 38 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया और 56 रन बनाकर नाबाद रहीं। यह उनके टी-20 इंटरनेशनल करियर का 17वां अर्धशतक तथा इंग्लैंड के खिलाफ पहला टी-20 अर्धशतक रहा। दीप्ति शर्मा ने भी 32 रन की उपयोगी पारी खेली। अंतिम ओवरों में विकेट गिरने से भारतीय टीम अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना सकी। परिणामस्वरूप भारत 20 ओवर में पांच विकेट पर 180 रन ही बना सका।
विश्व कप से पहले इंग्लैंड को मिला बड़ा मनोबल
सीरीज के निर्णायक मुकाबले में मिली इस जीत ने इंग्लैंड को आगामी महिला टी-20 विश्व कप से पहले बड़ा मनोबल दिया है। वहीं भारतीय टीम को बल्लेबाजी में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद गेंदबाजी और डेथ ओवर रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा। दोनों टीमों के बीच हुए इस मुकाबले ने एक बार फिर महिला क्रिकेट के बढ़ते स्तर और प्रतिस्पर्धा को साबित कर दिया।











