सिंगापुर ओपन में सात्विक-चिराग का जलवा: पहली बार जीता सुपर 750 खिताब, फाइनल में इंडोनेशियाई जोड़ी को हराकर रचा इतिहास

भारतीय बैडमिंटन के स्टार पुरुष युगल खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने एक बार फिर विश्व मंच पर देश का गौरव बढ़ाते हुए सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया। रविवार को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने इंडोनेशिया की तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी फजार अल्फियान और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी को 18-21, 21-17 और 21-16 से पराजित कर पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की ट्रॉफी जीती। यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि सिंगापुर ओपन में भारतीय जोड़ी का रिकॉर्ड पहले बहुत अच्छा नहीं रहा था। उन्हें यहां कई बार निराशा का सामना करना पड़ा था।
विश्व बैडमिंटन में भारत की सबसे सफल पुरुष युगल जोड़ियों में शामिल सात्विक और चिराग के लिए यह जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई है। दोनों खिलाड़ियों ने इससे पहले मई 2024 में थाईलैंड ओपन का खिताब जीता था। इसके बाद वे कई इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में फाइनल तक पहुंचे लेकिन ट्रॉफी जीतने से चूक गए। ऐसे में सिंगापुर ओपन का यह खिताब न केवल उनके लंबे इंतजार को खत्म करता है। साथ ही आगामी इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं के लिए भी उन्हें नई ऊर्जा प्रदान करेगा। यह दोनों खिलाड़ियों के करियर का नौवां बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है।
पहला गेम गंवाने के बाद दिखाई चैंपियन वाली वापसी
फाइनल मुकाबले की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। इंडोनेशियाई खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन करते हुए पहला गेम 21-18 से अपने नाम कर लिया। पहले गेम में हार के बाद ऐसा लग रहा था कि मुकाबला भारतीय खिलाड़ियों के हाथ से निकल सकता है। फिर सात्विक और चिराग ने अनुभव और धैर्य का शानदार परिचय दिया। दूसरे गेम में उन्होंने रणनीतिक बदलाव किया। विरोधी जोड़ी पर लगातार दबाव बनाया और 21-17 से जीत दर्ज कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। निर्णायक तीसरे गेम में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। सात्विक की तेज स्मैश और चिराग की बेहतरीन नेट प्ले ने इंडोनेशियाई जोड़ी को वापसी का कोई अवसर नहीं दिया। अंततः भारतीय जोड़ी ने 21-16 से गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया और खिताब पर कब्जा जमा लिया।
जीत के बाद भावुक हुए खिलाड़ी, डांस कर मनाया जश्न
ऐतिहासिक जीत के बाद सात्विक और चिराग की खुशी देखते ही बन रही थी। जैसे ही निर्णायक अंक उनके पक्ष में गया, दोनों खिलाड़ी कोर्ट पर झूम उठे और एक-दूसरे को गले लगाकर जीत का जश्न मनाया। पुरस्कार वितरण समारोह में उन्हें ट्रॉफी, स्वर्ण पदक और लगभग 70 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। समारोह के दौरान फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ का लोकप्रिय गीत बजाया गया। जिसने माहौल को और भी भावुक बना दिया। इस दौरान चिराग शेट्टी पोडियम पर खड़े होकर भावनाओं में डूबे नजर आए।
‘इस जीत को शब्दों में बयां करना मुश्किल’
मुकाबले के बाद कोर्टसाइड इंटरव्यू में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने कहा कि यह जीत उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा, “इस भावना को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। सिंगापुर में हमें पहले कई बार हार का सामना करना पड़ा था। इसलिए यहां खिताब जीतना हमारे लिए बहुत मायने रखता है। यह दुनिया के सबसे बेहतरीन बैडमिंटन स्टेडियमों में से एक है और यहां दर्शकों का समर्थन भी शानदार रहा।” भारतीय बैडमिंटन के लिए यह जीत एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। स्पोर्टस एक्सपर्ट्स का मानना है कि सात्विक और चिराग की यह सफलता आने वाले महीनों में इंटरनेशनल लेवल पर भारत की दावेदारी को और मजबूत करेगी। युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
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