छक्के के साथ कोहली ने खत्म किया फाइनल: जीटी को हराकर फिर चैंपियन बनी आरसीबी, लगातार दो बार ट्रॉफी जीतने वाली तीसरी टीम

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपना स्वर्णिम अभियान जारी रखा। आरसीबी ने लगातार दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमा लिया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में आरसीबी ने गुजरात टाइटंस को पांच विकेट से पराजित कर ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के साथ बेंगलुरु आईपीएल इतिहास की तीसरी ऐसी टीम बन गई है जिसने लगातार दो सीजन में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स ने 2010 और 2011 में और मुंबई इंडियंस ने 2019 और 2020 में यह उपलब्धि हासिल की थी। फाइनल में गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आठ विकेट पर 155 रन बनाए थे। जिसके जवाब में आरसीबी ने 18 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
खिताबी मुकाबले में आरसीबी की सफलता की आधारशिला उसके गेंदबाजों ने रखी। कप्तान रजत पाटीदार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। उनके गेंदबाजों ने इस निर्णय को पूरी तरह सही साबित किया। अहमदाबाद की अपेक्षाकृत धीमी पिच पर जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार की अगुवाई में आरसीबी के गेंदबाजों ने बेहद अनुशासित लाइन-लेंथ के साथ गेंदबाजी की। लगातार शरीर की ओर आती और छोटी गेंदों ने गुजरात के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया। हेजलवुड ने दो विकेट लेकर शीर्ष क्रम को झटका दिया। वहीं भुवनेश्वर ने भी दो अहम सफलताएं अर्जित कीं। परिणामस्वरूप गुजरात की टीम पूरे 20 ओवर खेलने के बावजूद आठ विकेट पर 155 रन ही बना सकी।
सुंदर ने दिखाई जुझारू बल्लेबाजी, टॉप ऑर्डर फेल
गुजरात टाइटंस की शुरुआत उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही। कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन, जिन्होंने पूरे सीजन में शानदार बल्लेबाजी की थी। फाइनल में बड़ी पारी खेलने में विफल रहे। गिल महज 10 रन बनाकर आउट हुए। वहीं सुदर्शन 12 रन ही जोड़ सके। दोनों सलामी बल्लेबाजों के जल्दी पवेलियन लौटने से गुजरात दबाव में आ गया। पावरप्ले समाप्त होने तक टीम का स्कोर दो विकेट पर केवल 45 रन था। इसके बाद जोस बटलर और वॉशिंगटन सुंदर ने पारी को संभालने का प्रयास किया। लेकिन रन गति में तेजी नहीं ला सके। एक छोर पर डटे सुंदर ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 37 गेंदों में 50 रन की नाबाद पारी खेली। टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विराट और वेंकटेश ने दिलाई विस्फोटक शुरुआत
156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। विराट कोहली और वेंकटेश अय्यर की सलामी जोड़ी ने गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों ने तेज गति से रन जुटाते हुए महज 3.3 ओवर में टीम का स्कोर 50 रन के पार पहुंचा दिया। पहले विकेट के लिए दोनों के बीच 62 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। जिसने आरसीबी को लक्ष्य की ओर मजबूत बढ़त दिला दी।

गुजरात ने की वापसी की कोशिश
बेंगलुरु की तेज शुरुआत के बाद गुजरात ने मुकाबले में लौटने का प्रयास किया। मोहम्मद सिराज ने वेंकटेश अय्यर को 32 रन के निजी स्कोर पर आउट कर पहली सफलता दिलाई। इसके तुरंत बाद कगिसो रबाडा ने देवदत्त पडिक्कल को भी सस्ते में पवेलियन भेज दिया। इसके बाद राशिद खान ने अपनी फिरकी का जादू दिखाया। कप्तान रजत पाटीदार और क्रुणाल पांड्या को आउट कर आरसीबी पर दबाव बनाने की कोशिश की। कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि मुकाबला रोमांचक मोड़ ले सकता है। लेकिन विराट कोहली ने दूसरे छोर से स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बनाए रखा।
विराट ने खेली विजयी पारी
लगातार विकेट गिरने के बावजूद विराट कोहली ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने महज 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया।गुजरात को मैच में पूरी तरह वापसी का मौका नहीं दिया। विराट ने 42 गेंदों पर नाबाद 75 रन की शानदार पारी खेली। जिसमें कई आकर्षक चौके और छक्के शामिल रहे। उनकी यह पारी फाइनल की सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजी साबित हुई। विराट की मैच विजयी पारी के दम पर आरसीबी ने 18 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। लगातार दूसरी बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

इतिहास के पन्नों में दर्ज हुई आरसीबी की उपलब्धि
लगातार दूसरे वर्ष खिताब जीतकर आरसीबी ने आईपीएल इतिहास में अपनी अलग पहचान स्थापित कर दी है। लंबे समय तक ट्रॉफी के इंतजार के बाद अब बेंगलुरु की टीम लगातार दो सीजन में चैंपियन बनकर नई सफलताओं की इबारत लिख रही है। कप्तान रजत पाटीदार के नेतृत्व, गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन और विराट कोहली की निर्णायक बल्लेबाजी ने मिलकर आरसीबी को एक और यादगार खिताबी जीत दिलाई।
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