मुकेश अंबानी का बड़ा डिसीजन: लगातार छठे साल नहीं ली सैलरी, डिविडेंड से कमाए करीब चार हजार करोड़

29 मई 2026
लगातार छठे साल नहीं ली सैलरी, डिविडेंड से कमाए करीब चार हजार करोड़

देश के सबसे बड़े उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने लगातार छठे साल भी कंपनी से कोई सैलरी नहीं लेने का फैसला बरकरार रखा है। कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी अंबानी ने वेतन, भत्ते, अलाउंस और रिटायरमेंट बेनिफिट्स के रूप में एक भी रुपया स्वीकार नहीं किया। यह फैसला कोरोना महामारी के दौरान लिया गया था। अब यह लगातार छठे साल तक जारी है। हालांकि, रिलायंस में उनकी बड़ी हिस्सेदारी के चलते डिविडेंड के जरिए उनकी कमाई करीब 3,996 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। इस खबर के सामने आने के बाद कॉर्पोरेट जगत में एक बार फिर मुकेश अंबानी की सैलरी पॉलिसी चर्चा का विषय बन गई है।

मुकेश अंबानी ने जून 2020 में कोविड महामारी के दौरान देश की आर्थिक स्थिति और उद्योगों पर पड़े दबाव को देखते हुए अपनी पूरी सैलरी छोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि जब तक रिलायंस समूह के सभी बिजनेस पूरी क्षमता से सामान्य स्थिति में वापस नहीं लौट आते, तब तक वह कोई वेतन नहीं लेंगे। इसके बाद से वित्तीय वर्ष 2021-22 से लेकर 2025-26 तक उन्होंने बिना वेतन कंपनी का संचालन जारी रखा है। खास बात यह है कि अंबानी ने वर्ष 2008 में ही अपनी सैलरी लिमिट तय कर दी थी। उसके बाद लंबे समय तक उन्होंने अपने वेतन में बढ़ोतरी नहीं की।

डिविडेंड बना कमाई का सबसे बड़ा जरिया

हालांकि सैलरी शून्य होने के बावजूद मुकेश अंबानी की आय का मुख्य स्रोत रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों से मिलने वाला डिविडेंड बना हुआ है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए छह रुपए प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है। मुकेश अंबानी के पास निजी तौर पर रिलायंस के 1.61 करोड़ शेयर हैं। जिससे उन्हें लगभग 9.66 करोड़ रुपए की आय होगी। वहीं, प्रमोटर ग्रुप कंपनियों के पास रिलायंस की 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। जिसके जरिए समूह को लगभग 3,987 करोड़ रुपए का डिविडेंड प्राप्त हुआ है। कुल मिलाकर यह आंकड़ा करीब 3,996.66 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मुकेश अंबानी इस समय दुनिया के 22वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनकी नेटवर्थ करीब 92 बिलियन डॉलर आंकी गई है।

परिवार के अन्य सदस्यों को मिला पारिश्रमिक

रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के अन्य निदेशकों और अधिकारियों को नियमित पारिश्रमिक दिया गया है। मुकेश अंबानी के चचेरे भाई निखिल और हितल मेसवानी को 25-25 करोड़ रुपए का पैकेज मिला है। इसमें सैलरी, अलाउंस और प्रॉफिट कमीशन शामिल है। वहीं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पीएमएस प्रसाद का वेतन बढ़कर 20.58 करोड़ रुपए हो गया है। अंबानी परिवार की अगली पीढ़ी में आकाश और ईशा अंबानी को केवल सिटिंग फीस और प्रॉफिट कमीशन मिला है। जबकि सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर 12.17 करोड़ रुपए का पैकेज मिला है।

चौथी तिमाही में रेवेन्यू बढ़ा

रिलायंस इंडस्ट्रीज के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी का चौथी तिमाही का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13 प्रतिशत घटकर 16,971 करोड़ रुपए रहा। हालांकि, इस दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू 13 प्रतिशत बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल मार्केट की चुनौतियों और ऊर्जा सेक्टर में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिलायंस ने मजबूत बिजनेस ग्रोथ बनाए रखी है। कंपनी के रिटेल, टेलीकॉम और डिजिटल बिजनेस भविष्य में ग्रोथ के प्रमुख इंजन माने जा रहे हैं।

नव्य जागरण

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