शेयर बाजार में भारी गिरावट: सेंसेक्स 1100 अंक टूटा, निवेशकों में बढ़ी घबराहट

29 मई 2026
सेंसेक्स 1100 अंक टूटा, निवेशकों में बढ़ी घबराहट

घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को जोरदार बिकवाली देखने को मिली। कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन सेंसेक्स करीब 1100 अंक टूटकर 74,750 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। जबकि निफ्टी भी 400 अंक लुढ़ककर 23,500 के करीब पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों पर दिखाई दिया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर मानसून की आशंकाओं ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।

बकरीद की छुट्टी के बाद खुले बाजार में शुरुआत से ही कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली शुरू कर दी। जिससे प्रमुख इंडेक्स लगातार नीचे फिसलते गए। बाजार में गिरावट का असर व्यापक रहा। मिडकैप तथा स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज दबाव देखा गया। निवेशकों के बीच फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक अनिश्चितता का असर

विश्लेषकों के मुताबिक, बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता है। इंटरनेशनल रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज रूट से शिपिंग प्रतिबंध हटाने को लेकर सहमति बन सकती है। लेकिन अब तक इस पर अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की स्वीकृति का इंतजार है। जबकि ईरानी मीडिया ने समझौते को लेकर असमंजस की स्थिति बताई है। इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय बाजार पर भी पड़ा।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी दबाव की वजह

विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। बुधवार को ही विदेशी निवेशकों ने 1,040 करोड़ रुपए के शेयरों की बिकवाली की थी। आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक एफआईआई भारतीय बाजार से 24.3 बिलियन डॉलर निकाल चुके हैं। जो पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक है। विदेशी फंड्स की निकासी से बाजार में लिक्विडिटी का दबाव बढ़ा है। निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है।

कमजोर मानसून की आशंका से बढ़ी चिंता

भारतीय मौसम विभाग द्वारा मानसून अनुमान घटाने के बाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र को लेकर चिंता गहराई है। विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मानसून का अनुमान 92 प्रतिशत से घटाकर 90 प्रतिशत कर दिया है। साथ ही केरल तट पर मानसून की देरी और प्रशांत महासागर में ‘अल नीनो’ प्रभाव बढ़ने की आशंका ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कमजोर मानसून का असर खेती, ग्रामीण खपत और आर्थिक विकास पर पड़ सकता है।

इंडिया VIX में उछाल

बाजार में अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX इंडेक्स करीब छह प्रतिशत चढ़कर 15.91 के स्तर पर पहुंच गया है। VIX में तेजी यह संकेत देती है कि निवेशकों के बीच डर और अनिश्चितता बढ़ रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक निफ्टी 24,000 के स्तर को मजबूती से पार नहीं करता है। तब तक बाजार में बड़ी तेजी की संभावना कम दिखाई देती है। फिलहाल ट्रेडर्स सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। छोटी अवधि में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है। इससे पहले 27 मई को भी शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 142 अंक टूटकर 75,868 पर बंद हुआ था। निफ्टी 23,907 के स्तर पर पहुंच गया था। बैंकिंग सेक्टर में उस दिन भी सबसे ज्यादा बिकवाली दर्ज की गई थी।

नव्य जागरण

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