अमेरिका-ईरान शांति समझौते का वैश्विक असर: क्रूड ऑयल सस्ता, शेयर बाजारों में जोरदार तेजी

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को समाप्त करने की दिशा में हुए शांति समझौते का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर तत्काल दिखाई देने लगा है। समझौते की खबर सामने आते ही इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। जबकि दुनिया के प्रमुख शेयर बाजारों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निवेशकों ने इस घटनाक्रम को वैश्विक आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा आपूर्ति के लिए सकारात्मक संकेत माना है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि समझौता तय कार्यक्रम के अनुसार लागू होता है तो इससे वैश्विक व्यापार, ऊर्जा बाजार और निवेश माहौल को बड़ा फायदा मिल सकता है।
शांति समझौते की खबर के बाद इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 4.8 प्रतिशत गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। कुछ सप्ताह पहले तक यह कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थी। जबकि संघर्ष शुरू होने से पहले यह लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रही थी। विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति बाधित होने की आशंकाएं घटने से तेल बाजार में राहत का माहौल बना है। इसका लाभ वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल आयात करने वाले देशों को मिल सकता है।
वॉल स्ट्रीट में उत्साह
अमेरिका-ईरान समझौते का सबसे तेज असर अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट पर दिखाई दिया। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 600 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। वहीं एसएंडपी 500 और नैस्डैक इंडेक्स भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। निवेशकों ने इसे भू-राजनीतिक जोखिम कम होने और आर्थिक गतिविधियों के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखा। बाजार में खरीदारी का माहौल बनने से कई सेक्टरों के शेयरों में जोरदार उछाल आया।
एयरलाइंस और एआई सेक्टर के शेयरों में चमक
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सबसे अधिक फायदा एयरलाइंस कंपनियों को मिला। क्योंकि उनके परिचालन खर्च का बड़ा हिस्सा ईंधन पर निर्भर करता है। यूनाइटेड एयरलाइंस और अमेरिकन एयरलाइंस सहित कई विमानन कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में भी निवेशकों का उत्साह दिखाई दिया। माइक्रोन टेक्नोलॉजी, एएमडी और एनवीडिया जैसे तकनीकी दिग्गजों के शेयर मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए। इससे यह संकेत मिला कि एआई सेक्टर में निवेशकों का भरोसा अभी भी कायम है।
भारतीय और एशियाई बाजारों में भी दिखा सकारात्मक असर
वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स में 700 अंकों से अधिक की तेजी दर्ज की गई। जबकि निफ्टी भी उल्लेखनीय बढ़त के साथ बंद हुआ। जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग सहित प्रमुख एशियाई बाजारों में भी खरीदारी का माहौल देखने को मिला। निवेशकों को उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में स्थिरता आने से वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
स्विट्जरलैंड में होंगे औपचारिक हस्ताक्षर
सूत्रों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच हुए प्रारंभिक समझौते पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। हालांकि दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत अभी जारी रहेगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि समझौते के सफल क्रियान्वयन से वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लौट सकती है। लेकिन पूरी स्थिति सामान्य होने में अभी कुछ समय लग सकता है। फिलहाल दुनिया भर के बाजार इस समझौते को सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं। निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है।
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